विभिन्न राज्यों में विरोध-प्रदर्शन, ट्रैफिक जाम
नई दिल्ली। नए कृषि काूननों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने आज 4 घंटे का भारत बंद बुलाया है। इसके तहत सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए जाने हैं। ऐसे में शांति एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। केंद्र ने सभी राज्य सरकारों को भी जरूरी गाइड लाइन जारी की है। किसानों के भारत बंद के आह्वान का मिला-जुला असर देखने को मिला है। भारत बंद के समर्थन में 3 दर्जन से ज्यादा राजनीतिक दल सामने आए हैं। जिनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) आम आदमी पार्टी (आप), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), शिवसेना आदि शामिल हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मुंबई, पंजाब इत्यादि राज्यों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले हैं। महाराष्ट्र की सबसे बड़ी मंडी एपीएमसी का बाजार पूर्णत: बंद है। वहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक थोक भाव में सब्जी खरीदने आते हैं। नवी मुंबई के एपीएमसी के पांचों बाजार पूरी तरह से बंद रखे गए हैं। उधर, गुजरात के अरवल्ली में किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस कार्यकताओं ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेसियों ने भीलोडा में विरोध-प्रदर्शन कर शामलाजी-भीलोडा-ईडर रोड पर यातायात बाधित कर दिया। इस दरम्यान टायर एकत्र कर आग भी लगाई गई। भारत बंद के समर्थन में अहमदाबाद के जनपद साणंद में प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित कर दिया। ऐसे में सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। पुलिस-प्रशासन ने किसानों की समझाने की भरपूर कोशिश की। उधर, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि किसानों से कोई शिकायत नहीं है। कुछ आपराधिक साजिशकर्ता हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों को पलीता लगाने का प्रयास करते रहते हैं। बता दें कि नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। किसानों की बुधवार को सरकार के साथ छठे दौर की वार्ता भी होनी है।















