– संयुक्त व उप आबकारी आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण, चेकिंग व्यवस्था का लिया जायजा
-अवैध शराब माफिया की नींद उड़ी, गौतमबुद्ध नगर में आबकारी अधिकारी की कारगर कार्यशैली
-जिले में सुरक्षा और कानून का राज कायम, आबकारी टीम ने दिखाया दम
-संयुक्त आबकारी आयुक्त मेरठ जोन दिलीप मणि त्रिपाठी ने टीम के कार्यशैली की सराहना की, जिला अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने दिखाया exemplary नेतृत्व
-अवैध शराब माफिया की नींद उड़ी, गौतमबुद्ध नगर में आबकारी अधिकारी की कारगर कार्यशैली
-जिले में सुरक्षा और कानून का राज कायम, आबकारी टीम ने दिखाया दम
-संयुक्त आबकारी आयुक्त मेरठ जोन दिलीप मणि त्रिपाठी ने टीम के कार्यशैली की सराहना की, जिला अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने दिखाया exemplary नेतृत्व
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आ रही है, वैसे ही उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सुरक्षा और आबकारी से जुड़ी कार्यवाही में सख्ती देखने को मिल रही है। जनपद गौतमबुद्ध नगर, जो दिल्ली और हरियाणा की सीमा से सटा होने के कारण संवेदनशील माना जाता है, यहां शराब तस्करी की आशंका हमेशा बनी रहती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जिले में आबकारी विभाग की सक्रिय और प्रभावी कार्रवाई ने स्थिति पूरी तरह बदल दी है। जिले के जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने अपनी नीति और रणनीति से शराब माफियाओं की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी है। उनकी कार्यशैली के कारण अब जिले में बाहरी शराब माफिया कदम रखने की सोच भी नहीं पाता। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की टीम दिन-रात संदिग्ध स्थलों और गलियों में मुखबिरों के साथ जाकर निरीक्षण करती है और छोटे तस्करों को भी सलाखों के पीछे भेजने में कोई कसर नहीं छोड़ती। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, नामवर सिंह, सचिन त्रिपाठी, डॉ. शिखा ठाकुर, अभिनव शाही और संजय चन्द्र निरंतर शराब तस्करी पर निगरानी रख रहे हैं। कभी दुकानें खुलने से पहले और कभी बंद होने के बाद, वे खुद सड़क, गली-मोहल्लों और संदिग्ध स्थलों पर जाकर निरीक्षण करते हैं। उनकी यह सक्रियता न केवल जिले में अपराध नियंत्रण को सशक्त करती है, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बनती है।
रविवार को आबकारी विभाग की टीम ने हरियाणा राज्य की सीमा से लगे झुप्पा और अलीगढ़ जनपद में स्थित हामिद नगर का भ्रमण कर अवैध मदिरा तस्करी के संभावित मार्गों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में संयुक्त आबकारी आयुक्त मेरठ जोन दिलीपमणि त्रिपाठी, उप आबकारी आयुक्त मेरठ मंडल नीरज वर्मा और जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक और बुलंदशहर के आबकारी निरीक्षक भी उपस्थित थे। संयुक्त आबकारी आयुक्त मेरठ जोन दिलीपमणि त्रिपाठी ने टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि गौतमबुद्ध नगर में आबकारी अधिकारी और उनकी टीम ने शराब माफियाओं को न केवल चुनौती दी है, बल्कि उन्हें जिले की सीमा से दूर रहने पर मजबूर किया है। हमारी टीम सघन निरीक्षण, वाहनों की जांच और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए प्रभावी कार्यवाही कर रही है। आगामी त्योहारी सीजन और बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह समाप्त हो। उप आबकारी आयुक्त मेरठ मंडल नीरज वर्मा ने निरीक्षण के दौरान कहा कि टीम का समर्पण और सतर्कता प्रशंसनीय है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कोई भी अवैध मदिरा तस्करी न हो। मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखना और वाहनों की संघन जांच अभियान चलाना हमारी प्राथमिकता है। इस दिशा में टीम ने शानदार कार्य किया है।
टीमवर्क और रणनीति की सफलता
आबकारी विभाग की यह टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। उनका मुख्य फोकस न केवल अवैध शराब तस्करी रोकना है, बल्कि जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखना भी है। टीम ने मुखबिर प्रणाली को प्रभावी बनाया है। अब हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों की संभावना न्यूनतम हो गई है। आने वाले त्योहारी सीजन के मद्देनजर आबकारी विभाग ने अपनी निगरानी और कार्यवाही और अधिक मजबूत कर दी है। अवैध शराब की सप्लाई को पूरी तरह रोका जाएगा।
आबकारी विभाग की यह टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। उनका मुख्य फोकस न केवल अवैध शराब तस्करी रोकना है, बल्कि जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखना भी है। टीम ने मुखबिर प्रणाली को प्रभावी बनाया है। अब हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों की संभावना न्यूनतम हो गई है। आने वाले त्योहारी सीजन के मद्देनजर आबकारी विभाग ने अपनी निगरानी और कार्यवाही और अधिक मजबूत कर दी है। अवैध शराब की सप्लाई को पूरी तरह रोका जाएगा।
आबकारी अधिकारी की कार्यशैली की मिसाल
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली को पूरे प्रदेश में सराहा जा रहा है। उनकी रणनीति के तहत जिले में शराब माफिया कदम रखने की हिम्मत नहीं कर पाता। सुबोध कुमार की नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, सघन निरीक्षण और ईमानदारी ने जिले में सुरक्षा का माहौल बनाया है। उनके निर्देशानुसार टीम न केवल बड़े माफियाओं पर नजर रखती है, बल्कि छोटे तस्करों को पकड़ कर सलाखों के पीछे भेजने का कार्य भी लगातार कर रही है। उन्होंने बताया कि हमारी टीम दिन-रात सघन निरीक्षण करती है। न केवल दुकानों और गलियों में, बल्कि संदिग्ध मार्गों पर भी निगरानी रखी जाती है। इससे जिले में अवैध शराब तस्करी पर पूरी तरह नियंत्रण है और जनता को सुरक्षित वातावरण मिल रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली को पूरे प्रदेश में सराहा जा रहा है। उनकी रणनीति के तहत जिले में शराब माफिया कदम रखने की हिम्मत नहीं कर पाता। सुबोध कुमार की नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, सघन निरीक्षण और ईमानदारी ने जिले में सुरक्षा का माहौल बनाया है। उनके निर्देशानुसार टीम न केवल बड़े माफियाओं पर नजर रखती है, बल्कि छोटे तस्करों को पकड़ कर सलाखों के पीछे भेजने का कार्य भी लगातार कर रही है। उन्होंने बताया कि हमारी टीम दिन-रात सघन निरीक्षण करती है। न केवल दुकानों और गलियों में, बल्कि संदिग्ध मार्गों पर भी निगरानी रखी जाती है। इससे जिले में अवैध शराब तस्करी पर पूरी तरह नियंत्रण है और जनता को सुरक्षित वातावरण मिल रहा है।
आगामी योजनाएँ और दिशा-निर्देश
संयुक्त आबकारी आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि आगामी त्योहारी सीजन में सख्ती बढ़ाई जाए। सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी, मुखबिर तंत्र का सक्रिय उपयोग और वाहनों की नियमित चेकिंग सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यह कार्रवाई केवल जिले के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में शराब तस्करी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की यह सक्रियता और सुबोध कुमार श्रीवास्तव की नेतृत्व क्षमता जिले को शराब माफियाओं के लिए सुरक्षित नहीं, बल्कि सख्त बनाने में सफल रही है। संयुक्त आबकारी आयुक्त और उप आयुक्त द्वारा टीम की सराहना इस बात का प्रमाण है कि प्रभावी कार्यवाही और समर्पित नेतृत्व से किसी भी अवैध कारोबार को नियंत्रण में रखा जा सकता है। आगामी त्योहारी सीजन और चुनावों के मद्देनज़र जिले में आबकारी विभाग की यह सतर्कता जनता के लिए सुरक्षा और विश्वास का संदेश है।
संयुक्त आबकारी आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि आगामी त्योहारी सीजन में सख्ती बढ़ाई जाए। सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी, मुखबिर तंत्र का सक्रिय उपयोग और वाहनों की नियमित चेकिंग सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यह कार्रवाई केवल जिले के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में शराब तस्करी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की यह सक्रियता और सुबोध कुमार श्रीवास्तव की नेतृत्व क्षमता जिले को शराब माफियाओं के लिए सुरक्षित नहीं, बल्कि सख्त बनाने में सफल रही है। संयुक्त आबकारी आयुक्त और उप आयुक्त द्वारा टीम की सराहना इस बात का प्रमाण है कि प्रभावी कार्यवाही और समर्पित नेतृत्व से किसी भी अवैध कारोबार को नियंत्रण में रखा जा सकता है। आगामी त्योहारी सीजन और चुनावों के मद्देनज़र जिले में आबकारी विभाग की यह सतर्कता जनता के लिए सुरक्षा और विश्वास का संदेश है।

















