उद्योग और प्रशासन का आमना-सामना: संजीव कुमार गुप्ता ने विकास की राह में नए आयाम सुझाए

-जिला प्रशासन और उद्योग जगत के बीच सार्थक संवाद, पीपीपी मॉडल पर चर्चा
-संजीव कुमार गुप्ता की सक्रिय भागीदारी, औद्योगिक समस्याओं का त्वरित समाधान सुझाया
-गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र के लिए व्यवहारिक और निवेश-सक्षम वातावरण बनाने पर जोर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और उद्योग जगत के दिग्गजों के बीच आयोजित बैठक में औद्योगिक विकास और निवेश अनुकूल माहौल तैयार करने को लेकर गंभीर मंथन किया गया। ‘सार्थक कलेक्टिव नई दिल्ली’ के सहयोग से आयोजित इस बैठक में मुख्य जिला विकास अधिकारी अभिनव गोपाल और ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज श्रीनाथ पासवान ने प्रशासन का प्रतिनिधित्व किया। बैठक में प्रमुख रूप से उद्योगपति और समरकूल के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता की सक्रिय भागीदारी ने चर्चा को नई दिशा दी। संजीव कुमार गुप्ता ने औद्योगिक तंत्र की वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से विचार किया और जिले में उद्योगों की मजबूती के लिए व्यवहारिक उपाय सुझाए। उन्होंने प्रशासन और उद्योगों के बीच खुली और नियमित बातचीत को अत्यंत आवश्यक बताया। उनके विचारों में यह स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक विकास केवल निवेशकों को प्रोत्साहित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उत्पादन, रोजगार और स्थानीय समुदाय के समावेश को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

बैठक के दौरान संजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि गाजियाबाद के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए सरकारी बाधाओं को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने निवेशकों और उद्यमियों को सहज कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढांचे, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक सुविधाओं और बिजली-जल आपूर्ति के त्वरित समाधान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उनके सुझाए गए व्यावहारिक कदमों में यह भी शामिल था कि पीपीपी मॉडल के तहत योजनाओं को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, जिससे उद्योगपति आसानी से निवेश कर सकें और औद्योगिक गतिविधियों में निरंतरता बनी रहे। बैठक में संजीव कुमार गुप्ता ने औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रगति के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाना उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि औद्योगिक विकास दीर्घकालिक और सतत हो। उनके विचारों और सुझावों से स्पष्ट था कि वे न केवल उद्योगों के हितों के पक्षधर हैं, बल्कि जिले और प्रदेश के समग्र विकास में भी सक्रिय योगदान देना चाहते हैं।

प्रशासन ने संजीव कुमार गुप्ता के सुझावों को गंभीरता से लिया और उद्योगों को सुविधाजनक माहौल देने, निवेश को सरल बनाने और बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में यह तय हुआ कि भविष्य में इस तरह के संवाद निरंतर रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि उद्योगों और प्रशासन के बीच समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा बैठक में जिले के अन्य प्रमुख उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया और औद्योगिक विकास के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी ने संजीव कुमार गुप्ता की सक्रिय और व्यावहारिक भागीदारी की सराहना की और कहा कि उनके अनुभव और दृष्टिकोण से गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और विकास की गति तेज करने में मदद मिलेगी।

इस बैठक के परिणामस्वरूप यह स्पष्ट हुआ कि उद्योग और प्रशासन के बीच नियमित संवाद और सक्रिय साझेदारी से गाजियाबाद को उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। संजीव कुमार गुप्ता की पहल और सुझाव इस दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे। उनके दृष्टिकोण के आधार पर जिले में पीपीपी मॉडल के तहत बुनियादी ढांचे का विकास और उद्यमियों के लिए सुगम कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे गाजियाबाद औद्योगिक क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम होगा।