विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण और पौष्टिक भोजन देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: अभिनव गोपाल

-परिषदीय स्कूलों में शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए मासिक समीक्षा बैठक
-शिक्षण ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग
-सहायता और रणनीति से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
-विद्यार्थियों के लिए शुद्ध पेयजल, स्वच्छता और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल ने की। बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और कई अहम निर्देश जारी किए गए। सीडीओ ने पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान सभी डीसी, एसआरजी और डायट से जुड़े अधिकारियों के कार्य एवं दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने विद्यालयों में डेस्क-बेंच की आवश्यकता का आकलन करने के निर्देश देते हुए कहा कि एआरपी अपने-अपने क्षेत्रों में मांग की जानकारी एकत्र कर अगली बैठक से पहले प्रस्तुत करें। सीडीओ ने शिक्षकों को  ‘संपर्क ऐप’ के माध्यम से शिक्षण कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एसआईआर में शिक्षकों की ड्यूटी लगने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विद्यालय स्तर पर ठोस योजना बनाई जाए।

बैठक में सुझाव दिया गया कि इसके लिए वॉलिंटियर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सेवानिवृत्त शिक्षकों और पूर्व छात्रों की मदद ली जा सकती है। विद्यालयों को  ‘निपुण’ बनाने की योजना पर खंड शिक्षा अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीटीएम को सफल बनाने के लिए एसआरजी और डीसी द्वारा बनाई गई योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया गया। सीडीओ ने कहा कि शिक्षक विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करें और प्राथमिकता तय कर कार्य करें। बैठक में डीटीएफ और बीटीएफ बैठकों को नियमित कराने, अधिकारियों से तिथियां तय करने और सभी निरीक्षण समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में  ‘निपुण प्लस ऐप’ के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया गया। संघर्षशील विद्यालयों पर विशेष ध्यान देने और 4 दिसंबर से प्रस्तावित निपुण आंकलन के लिए एआरपी और एसआरजी को संयुक्त रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए।
सीडीओ ने बताया कि  ‘चिंपल ऐप’ का अभी केवल 83 प्रतिशत डाउनलोड हुआ है, जिसे शीघ्र 100 प्रतिशत किया जाए। शिक्षकों को बच्चों को नियमित रूप से कार्य असाइन करने के निर्देश दिए गए।

जिन विद्यालयों में नेटवर्क या संपर्क की समस्या है, उनकी सूची बीईओ को देने को कहा गया, ताकि कंटेंट सिंक कराने की व्यवस्था की जा सके। जिन स्कूलों में इस माह ऐप का उपयोग नहीं हुआ, उनके साथ बैठक कर उपयोग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नियमित निरीक्षण, निर्माणाधीन कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने और पिछड़े विद्यालयों में एआरपी द्वारा कार्ययोजना बनाकर नामांकन व शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान सीडीओ अभिनव गोपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण और पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने बीएसए के माध्यम से सभी बीईओ को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर सभी विद्यालयों में फर्नीचर की आवश्यकता, स्वच्छता, बिजली-प्रकाश, पेयजल, शौचालय और मिड-डे-मील से संबंधित समस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि हर छात्र के लिए फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, डायट उप-प्राचार्य ज्योति दीक्षित, बीएसए ओ.पी. यादव, एएओ विकास बघेल, डायट प्रवक्ता शिखा मिश्रा सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी, डीसी, एसआरजी, एआरपी, चिंपल ऐप, सेंटर स्क्वायर फाउंडेशन, संपर्क फाउंडेशन के प्रतिनिधि और डीटीएस के सदस्य उपस्थित रहे।

अभिनव गोपाल
मुख्य विकास अधिकारी

जनपद के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर विद्यालय में प्रत्येक छात्र के लिए फर्नीचर, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और पौष्टिक मिड-डे-मील सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। शिक्षकों को तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए संपर्क, चिंपल और निपुण प्लस जैसे ऐप के माध्यम से शिक्षण को और प्रभावी बनाना होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि विद्यालयों की समस्याओं की वास्तविक स्थिति जानकर समयबद्ध समाधान किया जाए। शिक्षा की गुणवत्ता तभी बेहतर होगी, जब सभी विभागीय अधिकारी, शिक्षक और समाज मिलकर जिम्मेदारी निभाएं। प्रशासन का उद्देश्य है कि जनपद का कोई भी विद्यालय संसाधनों और शिक्षण व्यवस्था के अभाव में पीछे न रहे और हर बच्चे को सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक शैक्षिक वातावरण मिल सके।
अभिनव गोपाल
मुख्य विकास अधिकारी