-तुर्की के साथ शैक्षणिक सहभागिता, वैश्विक दृष्टिकोण से जुड़े कक्षा 3 व 4 के छात्र
-भारतीय महासागर, समुद्री जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ
-गैलरी अवलोकन, प्रश्नोत्तरी और सहभागिता गतिविधियों ने कार्यक्रम को बनाया जीवंत व ज्ञानवर्धक
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कवि नगर स्थित के डी बी पब्लिक स्कूल के प्राइमरी विंग में मंगलवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान कार्यक्रम ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की। कक्षा 3 और 4 के विद्यार्थियों के लिए तुर्की के सहयोग से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का विषय ‘जल के भीतर जीवन’ रखा गया, जिसने नन्हें विद्यार्थियों को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अनूठा अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैश्विक समझ विकसित करना, उन्हें विभिन्न देशों की संस्कृति से जोडऩा तथा आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना था। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल शैक्षणिक ज्ञान अर्जित किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद और सहयोग की भावना को भी आत्मसात किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। विशेष रूप से भारतीय महासागर को केंद्र में रखते हुए उन्होंने समुद्री जीवन, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
विद्यार्थियों ने बताया कि भारतीय महासागर न केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, बल्कि वैश्विक व्यापार, जलवायु संतुलन और मानव जीवन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने समुद्री जीव-जंतुओं की विविधता, उनके संरक्षण की आवश्यकता तथा जल प्रदूषण के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। उनकी प्रस्तुतियों में रचनात्मकता, शोध और विषय की गहरी समझ स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिसने उपस्थित सभी शिक्षकों और अभिभावकों को प्रभावित किया। कार्यक्रम की एक प्रमुख आकर्षण गैलरी अवलोकन रहा, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट, चार्ट, मॉडल और कलात्मक कार्यों को प्रदर्शित किया गया। इस गैलरी ने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और नवाचार क्षमता को उजागर किया।
उपस्थित लोगों को इन रचनात्मक कार्यों को देखने और सराहने का अवसर मिला, जिससे विद्यार्थियों का उत्साह और बढ़ा। कार्यक्रम को और अधिक रोचक बनाने के लिए एक ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन भी किया गया। इस सत्र में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। प्रश्नोत्तरी ने न केवल उनकी समझ को परखा, बल्कि सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक और सहभागितापूर्ण भी बनाया। इस अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के अंदर आत्मविश्वास, संचार कौशल और टीमवर्क की भावना को भी मजबूत किया। साथ ही, इस पहल ने उन्हें यह समझने का अवसर दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अनुभवों और व्यावहारिक ज्ञान से भी समृद्ध होती है।
विद्यालय प्रबंधन ने इस सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर सीखने और आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकें। समग्र रूप से, यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव भी साबित हुआ। इसने उनके भीतर सीखने की जिज्ञासा को बढ़ाया, साथ ही उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक वैश्विक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित किया।

















