-प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने विकास कार्यों एवं जन शिकायतों व एनजीटी सहित अन्य प्रकरणों की ली समीक्षा बैठक
-बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालयों का करायें आधुनिकीकरण,विद्यालयों का समयानुसार करें निरीक्षण
गाजियाबाद। प्रदेश के नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी अमृत अभिजात ने कहा कि जिले में स्वच्छता,सुंदरता व स्वच्छ वातावरण रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को पूरा करने के समय और गुणवत्ता पर ध्यान रखा जाए। अधिकारी हर माह मौके पर जाकर योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर भी ध्यान दें। सोमवार को नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में विकास कार्यों,जन शिकायतों एवं एनजीटी सहित अन्य प्रकरणों की समीक्षा बैठक करने के लिए पहुंचे थे। प्रमुख सचिव के आगमन पर कलेक्ट्रेट परिसर में उन्हें पुलिसकर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर किया। कलेक्ट्रेट सभागार में पहुंचने पर प्रमुख सचिव अमृत अभिजात को जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, प्रभागीय निदेशक वानिकी ईशा तिवारी आदि अधिकारियों ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक में सामाजिक वानिकी प्रभाग,गाजियाबाद द्वारा वन्य जीव प्राणी सप्ताह के मद्देनजर 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक सह अस्तित्व के माध्यम से वन्य जीव संरक्षण पर कविता लेखन एवं पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई।
जिसमें सिद्धार्थ विहार डीपीएस स्कूल में कविता लेखन मे आराध्या शुक्ला प्रथम,प्रिशा सिंह चिकारा सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल द्वितीय, दिव्यांशी चौधरी इंग्राहम इंस्टीट्यूट तृतीय, शौबान शेख इंग्राहम इंस्टीट्यूट सांत्वना पुरस्कार एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में दीप सिमर कौर सेंट पॉल अकेडमी प्रथम, नव्या दुबे सेठ आनन्द राम जयपुरिया द्वितीय,परी निमिया इंग्राहम इंटर कॉलेज तृतीय व नेहा मदान व आदविक शर्मा सेठ आनन्द राम जयपुरिया को प्रमुख सचिव एवं नोडल अधिकारी अमृत अभिजात ने सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रमुख सचिव ने बैठक में नगर निकाय नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कस्बों में उपवन योजना के प्रस्ताव एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। उन्होंने निकायों की वसूली कम होने पर फटकार भी लगाई। निजी स्रोतों से वसूली में वृद्धि करने तथा शत-प्रतिशत वसूली करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव ने अवगत कराया कि जो निकाय 10 प्रतिशत अधिक राजस्व वसूली करेंगी।
उन निकायों को 5 करोड़ रुपए अतिरिक्त अनुदान सरकार द्वारा दिया जाएगा। प्रमुख सचिव ने आईजीआरएस पोर्टल पर निस्तारित शिकायतों के निस्तारण पर असंतोष प्रकट किया। उन्होंने फीडबैक आने पर उसका विवरण लिया। उन्हें अवगत कराया गया कि उक्त 5 शिकायतों में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा चुका है। जिसमें से राजस्व,नगर निगम, जीडीए, पुलिस, नगर विकास की एक-एक शिकायतें थी। प्रमुख सचिव ने इस पर नगर निगम द्वारा दोनों बिंदुओं का प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिए। जनपद में गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के बारे में जानकारी ली। इस पर विभाग के अधिकारियों नपे अवगत कराया कि 20 अक्टूबर से पहले जनपद की सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाएंगी। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार एवं मंशा के अनुरूप जनपद की सभी सड़कों को त्योहार से पूर्व गड्ढा मुक्त किया जाएं।
बेसिक शिक्षा विभाग से ली आरटीई और विद्यालयों के कायाकल्प की जानकारी
प्रमुख सचिव ने आरटीई एवं स्कूलों के कायाकल्पों के बारे में बेसिक शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव से विस्तार से जानकारी ली, जिस पर उन्हें अवगत कराया गया कि आरटीई के तहत दाखिले कराये जा रहे हैं और जिन 6 स्कूलों द्वारा आरटीई के तहत दाखिले नहीं कराये गये, उनके खिलाफ संबंधित महानिदेशक को पत्र लिखकर उनकी मान्यता निरस्त करने के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। कहा कि जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 456 विद्यालय है जिनमें से 350 विद्यालयों का कायाकल्प करवाया जा रहा हैं और शेष का भी जल्द करावाया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मंशानुरूप सभी विद्यालयों का आधुनिकरण किया जाएं, उनमें पेयजल, शौचालयों, सफाई, कम्प्यूटर, स्मार्ट बोर्ड सहित अन्य आधुनिकीकरण वस्तुओं की पूर्ति की जाएं। इसके साथ ही शिक्षा को और बेहतर तरीके से पढ़ने-पढ़ाने के लिए विद्यालयों का समयानुसार निरीक्षण किया जाए। यह भी देखें कि बच्चे/अध्यापक की उपस्थिति कैसी है और रिजल्ट का परिणाम पहले की मुकाबले कितना अच्छा है। इसलिए उपस्थिति एवं परीक्षा परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएं।
नगर आयुक्त ने खाद्य प्लांट व वृद्धा आश्रम के लिए रखा प्रस्ताव
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा गोबर से खाद्य बनाने के प्लांट लगाने का आवेदन किया गया। उन्होंने बताया कि डेयरियों द्वारा गाय व भैंस का गोबर नालियों में बहाया जाता है जिससे कि नालियां बंद हो जाती हैं, यदि नगर निगम कूडें की तरह डेरियों से गोबर उठाये और उससे खाद्य बनाए तो उससे राजस्व को लाभ प्राप्त होगा। इसके साथ ही नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम एक आधुनिक वृद्धा आश्रम बनाये तो उससे भी राजस्व को लाभ पहुंचेगा। प्रमुख सचिव ने कहा कि नगर निगम उक्त दोनों बिन्दुओं पर प्रस्ताव भेजे। बैठक के उपरांत नगर निगम के चल रहे कार्यों को देखा गया। जिसमें प्रमुख रूप से एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया गया जो की शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन के समीप बनाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मौके पर पहुंचकर करदाई संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनिंग सर्विसेज की टीम को कार्य रफ्तार से करने की निर्देश दिए साथ ही आर्किटेक्ट व अन्य टीम से बातचीत करते हुए मानक के अनुरूप कार्य करने के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि 15 नवंबर तक कार्य पूर्ण किया जाए।
इसके उपरांत राजनगर एक्सटेंशन में बनाए जा रहे सीनियर सिटीजन केयर सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। जिस पर चल रहे कार्यों को देखते हुए प्रसन्नता जाहिर की 14 फरवरी 2025 तक कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए। शहर हित में सीनियर सिटीजन केयर सेंटर काफी लाभदायक होगा और मेडिकल में अन्य सुविधाओं से युक्त सीनियर सिटीजन केयर सेंटर सुविधाजनक बनाने की निर्देश दिए। इंदिरापुरम में चल रही टीएसटीपी के कार्यों को भी देखा, 15 नवंबर की अंतिम दिनांक संबंधित टीम को दी, वाबैग के प्रोजेक्ट हेड अग्नि मोहंती द्वारा चल रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी और 31 अक्टूबर तक कार्यक्रम करने की प्लानिंग से अवगत कराया। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी, मुख्य अभियंता निर्माण एनके चौधरी, प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज कुमार ङ्क्षसह, जलकल जीएम कामाख्या प्रसाद आनंद, जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह सहित सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


















