-कलेक्ट्रेट में 14 दिव्यांगजन हुए उपस्थित, प्रशासन की विशेष पहल से लाभार्थियों में उत्साह
-जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी और संबंधित विभागों ने कार्य में दिखाई तत्परता और संवेदनशीलता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में दिव्यांगजनों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष पहल की गई। इस अवसर पर 14 दिव्यांगजन कलेक्ट्रेट पहुंचे, जिन्हें अंत्योदय कार्ड, आयुष्मान कार्ड और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पाने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सदर तहसीलदार रितेश सिंह को निर्देश दिए कि जिन दिव्यांगजनों के आय प्रमाण पत्र नहीं बने हैं, उनके प्रमाण पत्र शीघ्र तैयार कराए जाएं ताकि वे अन्य योजनाओं के लिए पात्र हो सकें। इसके साथ ही जिला आपूर्ति अधिकारी अमित तिवारी को निर्देश दिए गए कि जिन लोगों के अंत्योदय कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उन्हें तत्काल बनवाया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन दिव्यांगजनों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनके कार्ड बनाए जाएं, ताकि वे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
वहीं जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को कहा गया कि जिन पात्र लोगों की दिव्यांग पेंशन स्वीकृत नहीं हुई है, उनके आवेदन कराकर उन्हें पेंशन योजना का लाभ दिलाया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि किसी भी जरूरतमंद को उसके अधिकार से वंचित न रखा जाए। उन्होंने संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता पर योजनाओं से जोडऩे पर जोर दिया। इस पहल में जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की तत्परता और सक्रिय भूमिका भी दिखाई दी। उन्होंने लाभार्थियों के दस्तावेजों का त्वरित सत्यापन और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। अमित तिवारी की कार्यशैली से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक प्रयासों में संवेदनशीलता और दक्षता दोनों आवश्यक हैं।
जिलाधिकारी मॉंदड़ ने इस अवसर पर कहा कि सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में जिले का कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे, ताकि प्रत्येक दिव्यांगजन को समय पर उचित सुविधा और लाभ मिल सके। कलेक्ट्रेट में उपस्थित दिव्यांगजनों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की और इसे उनके लिए बड़ी राहत बताया। इसमें अफसर, दीप सिंह, विशन लाल, अमित, राजू पांडेय, विनोद कुमार, कपिल, रजनी, सुरेश, रति राव, सपना गुप्ता, दिपांशी, राजकुमार और धर्मेन्द्र कुमार शामिल थे। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि आगामी समय में भी इस प्रकार के विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। इस पहल से जिले के दिव्यांगजन न केवल सशक्त बने हैं, बल्कि प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ है।
















