-रामभक्तों को कोई नहीं भूला सकता, 2027 में फिर बनेगी भाजपा सरकार: केशव प्रसाद मौर्य
-उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सहायक उपकरण बांटकर दिया सशक्तिकरण का संदेश
-सांस्कृतिक कार्यक्रम, दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा और संस्थाओं की प्रदर्शनी ने जीता दिल
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज की शक्ति हैं और सरकार उनकी शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं-भागीरथ सेवा संस्थान, इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन सेंटर, आनंदा ट्रेनिंग सेंटर और अद्वैत संस्थान द्वारा लगाई गई हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उपमुख्यमंत्री ने बच्चों की कला और सृजनात्मक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि सही अवसर मिलने पर दिव्यांगजन किसी से कम नहीं हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को भावनात्मक रंग दिया। नीव शक्ति संस्थान के मूक-बधिर बच्चों ने सांकेतिक भाषा में ‘सारे जहां से अच्छा’ गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। वहीं भागीरथ सेवा संस्थान के बच्चों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। अपने संबोधन में राज्य मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल प्रतीकात्मक राजनीति से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सैफई में रामलला की मूर्ति लगाने से अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलाने की घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता और रामभक्त कभी इसे नहीं भूलेंगे। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष ने संविधान को लेकर दुष्प्रचार फैलाया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल सहित विपक्षी नेताओं पर भी तीखे राजनीतिक प्रहार किए।
कार्यक्रम के समानांतर भाजपा संगठनात्मक मजबूती को लेकर भी गाजियाबाद महानगर चर्चा में रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बीते एक वर्ष में गाजियाबाद महानगर संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण प्रदेश राजनीति में प्रभावशाली इकाई के रूप में उभरा है। हाल के महीनों में दोनों उपमुख्यमंत्रियों का गाजियाबाद आगमन और कार्यकर्ताओं से संवाद संगठन की बढ़ती साख का संकेत माना जा रहा है। भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल के नेतृत्व में बड़े कार्यक्रमों का सफल आयोजन, कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद और जनभागीदारी ने संगठन को नई ऊर्जा दी है।


















