सुधर जाए शराब अनुज्ञापी, विक्रेता की एक गलती से लाइसेंस हो सकता है निरस्त

-शराब पर ओवर रेटिंग करने वालों पर आबकारी विभाग ने कसा शिकंजा
-जिले में ओवर रेटिंग करने वाले 90 दुकानों को किया चिन्हित
-किसी भी सूरत में अधिक कीमत पर न हो शराब बिक्री: सुबोध कुमार श्रीवास्तव

गौतमबुद्ध नगर। जनपद में शराब तस्करों के खिलाफ मुहिम को धार देने के लिए जिला आबकारी विभाग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी ने मातहतों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर जरूरी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। शराब तस्करों के खिलाफ पूरी ताकत के साथ कार्रवाई की जाए। किसी भी तस्कर को बख्शने की जरूरत नहीं है। इसके अतिरिक्त शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग की शिकायत न मिले। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित आबकारी निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अवैध शराब के कारोबार पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के साथ-साथ शराब पर अंकित मूल्यों से अधिक वसूली करने वाले विक्रेताओं को भी जिला आबकारी अधिकारी ने चिन्हित किया है। साथ ही शराब की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जनपद गौतमबुद्ध नगर में लाइसेंसशुदा शराब विक्रेताओं की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी तंत्र ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मनमाने दाम पर शराब की बिक्री की शिकायत मिलने पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में पहली शिकायत पर 75 हजार और दूसरी बार में डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। तीसरी बार ओवर रेटिंग की शिकायत मिलने पर लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई की जाएगी। जिले में कुल 538 शराब की दुकान है। जिसमें अंग्रेजी की 141, देशी की 232, बीयर की 140 और 25 मॉडल शॉप है। सात इंस्पेक्टरों के साथ हेड कांस्टेबल समेत 30 सिपाही है। जो जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के साथ-साथ शराब की दुकानों का भी औचक निरीक्षण कर रही है। जिले में ओवर रेटिंग करने वाले करीब 90 दुकानों को चिन्हित किया गया है। जिसे रेड जोन का नाम दिया है। इन 90 दुकानों पर सबसे अधिक ओवर रेटिंग की शिकायतें मिलती है। ओवर रेटिंग की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग की टीमें पूरी तरह से निगरानी बनाए हुए है।

उन्होंने आबकारी निरीक्षकों को चेतावनी दी कि किसी भी दुकान पर अवैध बिक्री की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाए। सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे सुचारु रुप से संचालित है, इसकी भी जांच की जाए। इन कैमरों की जांच आबकारी विभाग की टीम करेगी। सभी दुकानों पर आबकारी विभाग के अफसरों के नंबर भी अंकित होंगे, ताकि कोई भी ग्राहक शिकायत कर सके। निर्जन स्थान, इंडस्ट्रियल एरिया, बंद फैक्ट्री आदि स्थानों पर नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। शराब की ऐसी दुकानों जिनके द्वारा कोटे का उठान काफी अंतराल पर किया जा रहा है, उनकी लगातार चेकिंग की जाए। कहीं ऐसा न हो ऐसे दुकानदारों द्वारा अवैध शराब की बिक्री की जा रही हो। किसी भी दशा में आबकारी दुकानों में ओवर रेटिंग न होने पाए।

किसी भी सूरत में अधिक कीमत पर शराब बिक्री न हो, इंस्पेक्टर यह सुनिश्चित करें। अनुज्ञापियों को सख्त निर्देश दिए कि नियमानुसार ही दुकानों का संचालन हो, यह भी सुनिश्चित करें। खुद भी दुकानों का निरीक्षण करें और दुकानों का गुप्त टेस्ट परचेजिंग करें। जिससे दुकानों पर नियमानुसार ही शराब की बिक्री हो सकें। शराब पर अंकित मूल्यों से अधिक वसूली करने पर दुकानों में होने वाली शराब की बिक्री में भी कमी आती है। इसलिए विक्रेताओं पर पूरी तरह से नजर बनाएं। सिर्फ लाइसेंस लेना ही जरूरी नहीं है कि विभाग से लाइसेंस लेने के बाद दुकानों का रखरखाव करना ही भूल जाए। विक्रेता की एक गलती दुकान का लाइसेंस भी निरस्त करा सकती है। इसलिए आबकारी विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए खुद भी दुकानों का प्रतिदिन निरीक्षण करें।