शराब के शौकीनों ने गौतमबुद्ध नगर को किया मालामाल, 6 माह में गटक गए 800 करोड़ से अधिक की शराब

उत्तर प्रदेश सरकार के खजाने में आबकारी राजस्व के रूप में रकम जुटाने में गौतमबुद्धनगर अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। जिसमें हर वर्ष पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर नया रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। आबकारी विभाग ने वर्ष 2022-23 में करीब 772 करोड़ का राजस्व वसूला था, मगर वर्ष 2023-24 में आबकारी विभाग की टीम ने पिछले वर्ष 6 माह के रिकॉर्ड को तोड़कर इस बार नया रिकॉर्ड बनाया है। जो पिछले रिकॉर्ड से 120 करोड़ रुपए अधिक है। गौतमबुद्धनगर दिल्ली और हरियाणा की सीमा से सटा हुआ है। दिल्ली व गौतमबुद्धनगर को जोडऩे वाले दर्जनों ऐसे रास्ते है। जिन रास्तों से अक्सर लोग दिल्ली से शराब लेकर आते है। तीनों राज्यों में उत्तर प्रदेश की अपेक्षा शराब की कीमत कम है।

गौतमबुद्धनगर। दिल्ली व हरियाणा से सटे गौतमबुद्धनगर में मदिरा प्रेमियों की कमी नहीं। आबकारी विभाग के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। शराब के प्रति इस दीवानगी से सरकारी खजाने में भी काफी वृद्धि हुई। उत्तर प्रदेश सरकार की माली हालत को पटरी पर रखने में जनपद गौतमबुद्धनगर महत्वपूर्ण रोल अदा कर रहा है। शराब की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हो रही है। इससे सरकार का खजाना भर रहा है। जनपद में देशी, विदेशी और बीयर की कुल 538 शराब की दुकान हैं। शराब बिक्री की एवज में यूपी सरकार को राजस्व उपलब्ध कराने के मामले में गौतम बुद्ध नगर भी अन्य जिलों से पीछे नहीं है। यानी सरकार के खजाने को भरने में गौतमबुद्धनगर के शौकीनों की अह्म भूमिका है। जनपद में शराब की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री और राजस्व की प्राप्ति में आबकारी विभाग के रोल को कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में विभाग नए-नए कीर्तिमान स्थापित करता नजर आ रहा है। प्रदेश सरकार को अगर अपने लक्ष्य से ज्यादा कहीं से राजस्व मिला है तो वो आबकारी विभाग है। शराब सेहत के लिए भले ही हानिकारक हो लेकिन सरकार की कमाई के लिए यह बेहद लाभकारी है। क्योंकि, अल्कोहल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी यानी आबकारी शुल्क से राज्यों सरकारों को बड़ा राजस्व मिलता है।

आमतौर पर राज्यों की कमाई का मुख्य जरिया स्टेट जीएसटी, लैंड रेवेन्यू, पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला टैक्स समेत अन्य कर शामिल हैं। लेकिन, आबकारी शुल्क का राज्य सरकार की कमाई अहम योगदान रहता है। जिसमें जनपद गौतमबुद्धनगर का आबकारी विभाग पूरी शिद्दत के साथ जुटा हुआ है। देसी अंग्रेजी और बीयर के शौकीनों की स्थिति पर नजर डाली गई तो पता चला कि तीनों के शौकीन एक-दुसरे से होड़ करते नजर आ रहे है। अंग्रेजी शराब में महंगे ब्रांच के शौकीनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश सरकार के खजाने में आबकारी राजस्व के रूप में रकम जुटाने में गौतमबुद्धनगर अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। जिसमें हर वर्ष पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर नया रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। आबकारी विभाग ने वर्ष 2022-23 में करीब 772 करोड़ का राजस्व वसूला था, मगर वर्ष 2023-24 में आबकारी विभाग की टीम ने पिछले वर्ष 6 माह के रिकॉर्ड को तोड़कर इस बार नया रिकॉर्ड बनाया है। जो पिछले रिकॉर्ड से 120 करोड़ रुपए अधिक है। गौतमबुद्धनगर दिल्ली और हरियाणा की सीमा से सटा हुआ है। दिल्ली व गौतमबुद्धनगर को जोडऩे वाले दर्जनों ऐसे रास्ते है। जिन रास्तों से अक्सर लोग दिल्ली से शराब लेकर आते है। तीनों राज्यों में उत्तर प्रदेश की अपेक्षा शराब की कीमत कम है। कई वर्षों से यहां बड़ी मात्रा में शराब की तस्करी होती थी। हरियाणा व दिल्ली के तस्कर तो शराब की होम डिलीवरी भी करते थे। मगर आबकारी विभाग की ठोस रणनीति और आपसी समन्वय के चलते शराब माफिया के चक्रव्यूह को ध्वस्त करते हुए अपना साम्राज्य स्थापित किया।

दिल्ली व हरियाणा से होने वाली शराब तस्करी को रोकने के लिए आबकारी अधिकारी ने पहले रणनीति तैयार की और फिर आते ही इस पर अपना काम करना शुरू किया। दिल्ली व हरियाणा बोर्डर पर चौकसी बढ़ाई गई। हालात यह है कि अब दिल्ली व हरियाणा से शराब लेकर गौतमबुद्ध नगर में आने वाले कदम रखने से भी डरते है। उन्हें पता है कि वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर गौतमबुद्ध नगर की सीमा में तो प्रवेश कर सकते है, लेकिन आबकारी विभाग की आंख में धूल झोंकना उनके लिए आसान नहीं है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव को गौतमबुद्ध नगर में आए भले ही 6 माह से अधिक समय हुआ हो, मगर इतने कम समय में शराब माफिया की कमर तोड़कर राजस्व में बढ़ोत्तरी करना अपने आप में एक मुकाम हासिल करना है। जिस तरह से राजस्व बढोत्तरी पर फोकस करके काम किया गया, उसी तरह शराब तस्करों को भी गौतमबुद्धनगर की सीमा से बाहर फेंकने में सफलता हासिल की है। मगर पिछले कुछ समय से शराब तस्करी पर अंकुश लगा है। जिसके लिए आबकारी विभाग की टीम ने भी पूरी मेहनत की है। आबकारी विभाग की सख्ती के चलते ही बाहरी राज्यों में होने वाली शराब तस्करी की घटना पर रोक लग सकी है।

120 करोड़ रुपए का अधिक राजस्व हुआ हासिल
आबकारी विभाग की टीम ने पिछले वर्ष 6 माह की अपेक्षा इस वर्ष करीब 120 करोड़ रुपए का अधिक राजस्व हासिल किया है। आबकारी विभाग ने वर्ष 2023-24 जुलाई से दिसंबर माह तक 829.26 करोड़ का राजस्व हासिल किया है। वर्ष 2022-23 में जुलाई से दिसंबर माह तक 742.41 करोड़ रुपए का लक्ष्य हासिल किया था। वर्ष 2023-24 जुलाई से दिसंबर माह तक देशी शराब 1 करोड़ 11 लाख 35 हजार 996 बल्क लीटर, अंग्रेजी 75 लाख 38 हजार 735 बोतल, बीयर 2 करोड़ 74 लाख 99 हजार 401 केन की बिक्री हुई। वर्ष 2022-23 जुलाई से दिसंबर माह तक देशी शराब 1 करोड़ 1 लाख 7 हजार 385 बल्क लीटर, अंग्रेजी 68 लाख 23 हजार 12 बोतल, बीयर 2 करोड़ 7 लाख 44 हजार 903 केन की बिक्री हुई थी। आबकारी विभाग के बढ़े इस राजस्व ने अपनी मंशा साफ कर दी है कि राजस्व वसूली को बढ़ाने के साथ-साथ शराब तस्करों को जेल भेजने में कोई कसर नहीं छोड़ा जाएगा। बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर रोक लगने के बाद ही इस बार राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई है।

अवैध शराब के धंधे में 120 तस्कर पहुंचे जेल
आबकारी विभाग ने वर्ष 2023-24 जुलाई से दिसंबर माह में जनपद में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के कारोबार में लिप्त 545 मुकदमे दर्ज किए। साथ ही तस्करों से 23 हजार 540 लीटर अवैध शराब बरामद किया गया। चेकिंग, छापेमारी एवं दबिश में करीब 120 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया। वहीं शराब तस्करी में प्रयुक्त 15 वाहन बरामद किया गया। पकड़े गए वाहनों में लग्जरी कार से लेकर दोपहिया व प्राइवेट वाहन शामिल है। जबकि पिछले वर्ष वर्ष 2022-23 जुलाई से दिसंबर माह में 482 मुकदमे दर्ज किए गए। अवैध शराब का कारोबार करने वाले 187 तस्करों को जेल भेजा गया। शराब तस्करों से करीब 14 हजार 315 लीटर शराब बरामद किया गया। शराब तस्करी में प्रयुक्त 51 वाहन को सीज किया गया। वही आबकारी विभाग की टीम ने बाहरी राज्यों से होने वाले शराब तस्करी में बाहरी राज्यों की 9 हजार 851 लीटर शराब बरामद किया है।

आबकारी अधिकारी की ठोस रणनीति के चलते शराब माफिया ने या तो जनपद छोड़ दिया है या फिर प्रदेश के अन्य राज्यों में अपना धंधा जमा लिया है। गौतमबुद्ध नगर दिल्ली व हरियाणा से सटा होने के कारण ज्यादा संवेदनशील जनपद है। जिसके लिए आबकारी विभाग की टीमें भी यूपी बोर्डर, हाईवे, राष्ट्रीय मार्ग एवं राजमार्ग पर दिन रात मुस्तैद रहती है। जिस कारण अवैध शराब का कारोबार करने वाले तस्कर अब गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब का कारोबार करने से डरते नजर आते है। इसके साथ ही आबकारी विभाग की टीम ने लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से भी ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया। जिससे लोग अवैध शराब के खिलाफ जागरूक हो सकें। इस बार लोगों की जागरूकता भी देखने को मिली। शादी व अन्य पार्टी में होने वाली शराब पार्टी के लिए लोगों ने जागरूकता दिखाई और विभाग से लाइसेंस लेने के बाद ही शराब पार्टी का आयोजन किया।

सुबोध कुमार श्रीवास्तव
जिला आबकारी अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जनपद में तस्करी रोकने के लिए रोजाना नई रणनीति के तहत टीमवर्क के साथ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए भी हर संभव प्रयास किया जा रहा है। अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की टीम तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए लगातार छापेमारी की कार्रवाई कर रही है। आगे भी जनपद में शराब तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती बरती जा रही है। राजस्व में वृद्धि करना विभाग की प्राथमिकता में शुमार है। जिसके लिए समय-समय पर हर संभव प्रयास किए जा रहे है। अवैध शराब के खिलाफ लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। लोगों की जागरूकता से ही विभाग के राजस्व में वृद्धि बढ़ेगी और शराब तस्करी रोकने में सफलता भी मिलेगी। इसके अलावा लाइसेंसशुदा शराब की दुकानों पर चेकिंग के जरिए नियमों का पालन कराया जा रहा है। टीम वर्क से काम होने के कारण परिणाम भी सकारात्मक आ रहे हैं। शासन द्वारा राजस्व के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगा।