किसान समन्वय समिति का सरकार को समर्थन
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन नए पड़ाव की ओर है। इस बीच सरकार के लिए राहत की खबर भी आई है। कृषि कानूनों के समर्थन में भी किसान संगठन सामने आ रहे हैं। ऑल इंडिया किसान समन्वय समिति से संबद्ध विभिन्न संगठनों ने सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। इन संगठनों ने कृषि कानूनों पर सरकार के साथ होने की बात कही। इस बावत कृषि मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया। ऑल इंडिया किसान समन्वय समिति से संबद्ध विभिन्न राज्यों के 10 संगठनों ने कृषि मंत्री तोमर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ये संगठन उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा आदि राज्यों से हैं। इस दरम्यान कृषि मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के हित के लिए नए कानून बनाए हैं। उन्होंने कहा कि हम आंदोलनकारी किसानों से वार्ता के लिए तैयार हैं। यदि उनका (किसान यूनियनों का) प्रस्ताव आता है, तो सरकार निश्चित रूप से यह करेगी। हम चाहते हैं कि चर्चा को खंड द्वारा आयोजित किया जाए। वे हमारे प्रस्ताव पर अपनी राय देंगे, हम निश्चित रूप से आगे की बातचीत करेंगे। कृषि मंत्री ने यह भी संकेत दिए कि सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। इन कानूनों में सुझावों के आधार पर संशोधन संभव है। इसके पहले कृषि मंत्री तोमर ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी उन्हें किसान आंदोलन से निपटने के लिए जारी प्रयासों से अवगत कराया गया था। हालांकि आंदोलनरत किसान पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों ने सोमवार को भूख हड़ताल भी की थी। वह सुबह 8 से शाम 5 बजे तक उपवास पर रहे। दिल्ली में सिंघु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर भी किसानों ने उपवास रखा। किसान आंदोलन को समाप्त कराने को सरकार के शीर्ष स्तर के कई मंत्री मैदान में हैं। इसके बावजूद सकारात्मक परिणाम नहीं मिल पाए हैं। किसानों को मनाने के लिए सरकार को नई-नई रणनीति पर काम करना पड़ रहा है।
















