-इनरव्हील क्लब नवीन ग्रेटर नोएडा ने जागरूकता संगोष्ठी आयोजित कर माताओं को बताया स्तनपान का वैज्ञानिक और स्वास्थ्यवर्धक महत्व
-विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कहा- जन्म के पहले छह माह तक केवल मां का दूध ही शिशु के संपूर्ण विकास की सबसे बड़ी सुरक्षा
-स्तनपान के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी लिया संकल्प, माताओं को सम्मानित कर स्वस्थ समाज का दिया संदेश
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत इनरव्हील क्लब नवीन ग्रेटर नोएडा, डिस्ट्रिक्ट 301 द्वारा बुधवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को समर्पित एक प्रभावी जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को स्तनपान के महत्व, उसके वैज्ञानिक लाभ तथा नवजात शिशु के समुचित पोषण के प्रति जागरूक करना था। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. ईहा एवं डॉ. शैली ने माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवजात शिशु के जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, शिशु के लिए किसी अमृत से कम नहीं होता। यह प्राकृतिक रूप से मिलने वाला पहला टीका है, जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और उसे संक्रमण सहित अनेक गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि स्तनपान केवल बच्चे के लिए ही नहीं बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इससे मां के शरीर को शीघ्र स्वस्थ होने में सहायता मिलती है तथा कई स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम होते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि जन्म से लेकर छह माह की आयु तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस अवधि में बच्चे को पानी, शहद, घुट्टी अथवा किसी अन्य खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। मां का दूध ही शिशु के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए संपूर्ण एवं संतुलित आहार है। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे भ्रांतियों से दूर रहते हुए नियमित स्तनपान कराएं और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके महत्व से अवगत कराएं। कार्यक्रम के दौरान इनरव्हील क्लब नवीन ग्रेटर नोएडा की अध्यक्ष अंकिता सिंह ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
उन्होंने उपस्थित महिलाओं को पॉलीथिन का उपयोग न करने तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा प्लास्टिक के स्थान पर लकड़ी की कंघी और अन्य पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद अपनाने के लिए सभी को प्रेरित किया गया। संगोष्ठी के समापन अवसर पर क्लब की ओर से सभी स्तनपान कराने वाली माताओं को गुड़, भुने चने तथा स्टील का एक-एक डिब्बा भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इन उपहारों का उद्देश्य माताओं को पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संदेश देना है।
कार्यक्रम में माताओं ने भी विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और स्तनपान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस अवसर पर क्लब की पूर्व अध्यक्ष अदिति भारद्वाज, अनीता सिंगला, सोनिका त्यागी, अनीता ढाका, ममता भट्ट, आरती सहित क्लब की अनेक सदस्याएं उपस्थित रहीं। सभी ने विश्व स्तनपान सप्ताह के संदेश को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु ही स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं। यदि प्रत्येक परिवार स्तनपान के महत्व को समझे और इसे अपनाए, तो कुपोषण, संक्रमण और शिशु मृत्यु दर जैसी चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यही इस जागरूकता अभियान का मूल उद्देश्य है।















