शिवभक्तों की राह में नगर निगम का सेवा कवच, साईं उपवन बना आस्था और सुविधा का संगम

-भोले के भक्तों की सेवा में नगर निगम समर्पित, प्लास्टिक मुक्त कांवड़ शिविर से दिया स्वच्छता और संस्कार का संदेश
-महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शिव पूजन के साथ किया सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ
-साईं उपवन में 24 घंटे मिलेगी भोजन, विश्राम, पेयजल और चिकित्सा जैसी सुविधाएं; कांवडिय़ों की सेवा में जुटी निगम टीम
-आस्था के महापर्व में पर्यावरण संरक्षण की पहल, स्टील के बर्तनों से पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रखा जाएगा शिविर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन मास की पावन बेला में भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम बुधवार को गाजियाबाद में देखने को मिला। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा साईं उपवन में आयोजित सात दिवसीय कांवड़ शिविर का भव्य शुभारंभ महापौर सुनीता दयाल एवं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने विधिवत पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और पंचामृत अभिषेक के साथ किया। वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान शिव की आराधना के बीच शिवभक्तों एवं कांवड़ यात्रियों को प्रसाद और भोजन वितरित कर सेवा अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर नगर निगम के अधिकारी, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, साइ सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और पंचामृत अभिषेक से किया गया। मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन कर भगवान शिव को भोग अर्पित किया गया और शहर सहित प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। इसके बाद महापौर और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रियों को भोजन एवं प्रसाद वितरित कर सात दिवसीय सेवा शिविर का शुभारंभ किया।

महापौर सुनीता दयाल ने इस अवसर पर सभी शिवभक्तों और कांवड़ यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गाजियाबाद नगर निगम का यह कांवड़ शिविर केवल सेवा का केंद्र नहीं बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है। उन्होंने बताया कि शिविर को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रखा गया है। भोजन वितरण के लिए स्टील के बर्तनों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे भी प्लास्टिक का उपयोग न करें और शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग दें। महापौर ने कहा कि नगर निगम सीमा क्षेत्र में लगने वाले अन्य कांवड़ शिविरों को भी प्लास्टिक मुक्त बनाए जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि आस्था के इस पर्व पर स्वच्छता का संदेश पूरे समाज तक पहुंचे।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं के साथ-साथ लाखों की संख्या में आने वाले शिवभक्तों की सेवा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि साईं उपवन में लगाया गया नगर निगम का कांवड़ शिविर 5 अगस्त से 11 अगस्त तक लगातार सात दिनों तक चौबीसों घंटे संचालित रहेगा। उन्होंने कहा कि शिविर में कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, विश्राम स्थल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और नियमित साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।

गाजियाबाद से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में शिवभक्त गुजरते हैं, ऐसे में नगर निगम का प्रयास है कि हर श्रद्धालु को बेहतर सुविधा और सम्मान मिले। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शिविर की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। शिविर शुभारंभ के दौरान नगर निगम अधिकारियों, पार्षदों और साइ सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भी सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने शिवभक्तों का स्वागत करते हुए उनकी मंगलमय और सुरक्षित यात्रा की कामना की।

नगर निगम द्वारा लगाए गए इस शिविर में सेवा, स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया है। भोजन से लेकर विश्राम तक प्रत्येक व्यवस्था को श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुसार तैयार किया गया है। नगर निगम का यह प्रयास कांवड़ यात्रियों के लिए राहत का केंद्र बनने के साथ-साथ जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल भी पेश कर रहा है। आस्था के महापर्व सावन में शुरू हुआ यह सात दिवसीय कांवड़ शिविर नगर निगम की सेवा भावना, पर्यावरण संरक्षण की सोच और श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आया है।