-आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के मंच पर जिलाधिकारी, उद्योग अधिकारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष व सैकड़ों उद्यमियों ने साझा किया औद्योगिक उत्थान का रोडमैप, नवाचार व रोजगार को मिली नई रफ्तार
-गाजियाबाद ने दिखाया औद्योगिक नेतृत्व का दम, एमएसएमई को बताया भारत की असली ताकत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर को समर्पित 27 जून शुक्रवार को वैश्विक एमएसएमई दिवस के अवसर पर गाजियाबाद में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने ऐसा ऐतिहासिक और प्रेरणास्पद आयोजन किया, जिसने न सिर्फ स्थानीय औद्योगिक चेतना को नई ऊर्जा दी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी गाजियाबाद को एमएसएमई क्रांति के अग्रदूत के रूप में स्थापित कर दिया। होटल फार्च्यून इन ग्राजिया में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में जिलाधिकारी दीपक मीणा, उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान, आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल, चैप्टर चेयरमैन संजय अग्रवाल और सचिव हर्ष अग्रवाल सहित सैकड़ों उत्साही उद्यमियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम की शुरुआत जहां परंपरागत दीप प्रज्वलन से हुई, वहीं समापन राष्ट्रगान की गूंज और राष्ट्रनिर्माण के संकल्पों के साथ हुआ, जिसने उद्योगजगत की आत्मा को झकझोर दिया। कार्यक्रम में गाजियाबाद के पांच उत्कृष्ट औद्योगिक इकाइयों टॉयकॉन केबल्स इंडिया प्रा. लि., डीके इंडस्ट्रीज, मित्तल ग्रीन रिसोर्स, विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज और जेनको इंडस्ट्रीज को नवाचार एवं उत्कृष्टता हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चयनित दो युवा उद्यमियों को जिलाधिकारी द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप चेक प्रदान किए गए। इस दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की क्षेत्रीय प्रबंधक सपना कौशल ने एमएसएमई सेक्टर के लिए उपलब्ध ऋण व वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी साझा की।
आईआईए के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं सैकड़ों उद्यमियों की भागीदारी से यह कार्यक्रम उद्योग क्षेत्र में उत्सव, प्रेरणा और नवाचार का मंच बन गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और कोषाध्यक्ष संजय गर्ग के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। आयोजन ने यह साबित कर दिया कि एमएसएमई सिर्फ उद्योग नहीं, राष्ट्र निर्माण की जीवंत प्रयोगशाला हैं, जहां हर मशीन की गूंज में आत्मनिर्भर भारत की धड़कन सुनाई देती है।
एमएसएमई से ही बनेगा भारत आत्मनिर्भर
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इस मौके पर कहा कि एमएसएमई देश की रीढ़ हैं। यह क्षेत्र न केवल 110 मिलियन लोगों को रोज़गार दे रहा है, बल्कि भारत की जीडीपी में 50 प्रतिशत तक का योगदान कर रहा है। अगर भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाना है, तो हमें इस क्षेत्र को नीति, पूंजी और नवाचार से सशक्त करना होगा। उन्होंने उद्योग जगत को आश्वासन दिया कि प्रशासन हर सुझाव, समस्या और प्रस्ताव को प्राथमिकता देगा। उन्होंने आईआईए को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपकी ऊर्जा, प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि गाजियाबाद को औद्योगिक राजधानी बना रही है।
आईआईए बना उद्योग जगत की आवाज
आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने कहा कि हम सिर्फ उद्योग चला नहीं रहे, रोज़गार गढ़ रहे हैं, नवाचार रच रहे हैं, और आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत कर रहे हैं। एमएसएमई दिवस हम सबके लिए ‘औद्योगिक जन-जागरण’ का प्रतीक बन गया है। उन्होंने चैंपियंस 2.0 पोर्टल, जीरो इफेक्ट-जीरो डिफेक्ट, पीएमईजीपी, ई-कॉमर्स सपोर्ट, मॉडल क्लस्टर योजना जैसी योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि आईआईए इन योजनाओं को ग्राम स्तर तक पहुंचाने का संकल्प ले चुका है।
उद्योग विभाग ने पेश किया विकास का खाका, बैंक ने किया वित्तीय सहयोग का भरोसा
उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान ने बताया कि क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल स्कीम, इनोवेशन एंड ग्रामीण उद्योग योजना, ब्याज सहायता योजना, ऑनलाइन उद्योग पंजीकरण, और बिल स्कैनिंग सुविधा जैसी अनेक योजनाएं उद्यमियों को बदलती अर्थव्यवस्था में टिकाऊ बना रही हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की क्षेत्रीय प्रबंधक सपना कौशल ने भी एमएसएमई ऋण योजनाओं, ब्याज दरों और रेगुलर वर्किंग कैपिटल स्कीम्स पर जानकारी दी।
नए युग के उद्यमियों की हुई गरिमामयी उपस्थिति
इस आयोजन में आईआईए के सैकड़ों उद्यमी शामिल हुए जिन्होंने न सिर्फ गंभीर मंथन किया, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और महिला उद्यमिता को लेकर योजनाएं साझा कीं। उद्यमियों में प्रमुख रूप से जेपी कौशिक, मनोज कुमार, एसके शर्मा, अमित नागलिया, प्रदीप गुप्ता, यश जुनेजा, राकेश अनेजा, अमित बंसल, रमन मिगलानी, नवीन धवन, बसंत अग्रवाल, श्रृष्टि मित्तल सहित अन्य उद्यमियों की उपस्थिति ने आयोजन को जीवंत बनाया।



















