-नगर आयुक्त ने कैमरा स्थापना और सड़क सुधार का लिया बारीकी से जायजा
-210 इंच की बड़ी स्क्रीन से शहर में वास्तविक समय में यातायात मॉनिटरिंग होगी
-टीम को शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए
-शहरवासियों को स्मार्ट और सुरक्षित यातायात की सुविधा सुनिश्चित होगी
-नगर निगम की आधुनिक तकनीक से सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण में सुधार संभव
-अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में योजना लागू होने के बाद यातायात व्यवस्था में आएगा नया स्वरूप
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के काम में तेजी के बीच नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी के साथ शनिवार को स्थल निरीक्षण कर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने कैमरा इंस्टॉलेशन, रोड रेस्टोरेशन और रोड साइड उपकरणों का बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने नगर आयुक्त को कार्य की स्थिति और शेष बचे कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। आईटीएमएस के तहत शहर में लगे सभी कैमरों और उपकरणों का निरीक्षण किया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि योजना समयबद्ध तरीके से लागू हो। निरीक्षण के दौरान 82 रोड साइड यूनिट उपकरणों और अन्य तकनीकी साधनों की जाँच की गई। नगर आयुक्त ने एफकौन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव भारद्वाज को निर्देश दिए कि शेष बचे कार्य को अत्यंत शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य शहर में यातायात की बेहतर व्यवस्था और निगरानी सुनिश्चित करना है।
नगर आयुक्त ने आईटीएमएस बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया, जहां उपकरणों के इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर 210 इंच की बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर वास्तविक समय में निगरानी रखी जा सकेगी। सभी कैमरों को 20 से अधिक कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा और इसकी मॉनिटरिंग के माध्यम से यातायात की स्थिति, ट्रैफिक जाम और अन्य घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी। नगर आयुक्त ने कहा कि आईटीएमएस परियोजना शहरवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल यातायात प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकने और ट्रैफिक जाम कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने टीम को निर्देश दिए कि वे कार्य को तेजी से पूरा करें और किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उपकरण और तकनीकी साधन पूरी तरह से कार्यरत हों और शहर में यातायात की निगरानी में कोई कमी न रहे।
नगर आयुक्त ने बताया कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में आईटीएमएस योजना की औपचारिक शुरुआत कर दी जाएगी। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों और हाई-ट्रैफिक एरिया में लगे कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्मार्ट सिटी पहल को सशक्त बनाना और नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यातायात सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आईटीएमएस के माध्यम से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान आसान होगी और समय पर कार्रवाई संभव होगी। इसके अलावा, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को वास्तविक समय में जानकारी प्राप्त होगी, जिससे शहर में यातायात की स्थिति पर नियंत्रण रखना सरल होगा। नगर आयुक्त ने कहा कि इस परियोजना से शहरवासियों को सीधे लाभ मिलेगा। सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, ट्रैफिक जाम कम होंगे और आपातकालीन सेवाओं की गति भी बेहतर होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल तकनीकी निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शहर की यातायात योजना और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार लाने में भी मदद मिलेगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों और टीम को निर्देश दिए कि वे सभी शेष कार्यों को सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी को तुरंत सुधारें।
उन्होंने कहा कि आईटीएमएस की सफलता सीधे शहरवासियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस परियोजना के लागू होने के बाद गाजियाबाद शहर में यातायात प्रबंधन स्मार्ट, आधुनिक और नागरिक-केंद्रित तरीके से होगा। आईटीएमएस योजना के लागू होने से शहर की सड़कों पर यातायात की मॉनिटरिंग और नियंत्रण पहले से कहीं अधिक सटीक और प्रभावी होगा। नगर आयुक्त ने कहा कि यह प्रणाली शहर को स्मार्ट और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नागरिकों के लिए यह सुविधा ना केवल सुविधा जनक होगी, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन बनाए रखने में भी मददगार साबित होगी। नगर आयुक्त ने अंत में सभी अधिकारियों और टीम को निर्देश दिया कि वे योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह समर्पित रहें। आईटीएमएस की शुरुआत अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में की जाएगी और उसके बाद शहरवासियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित, व्यवस्थित और स्मार्ट यातायात का अनुभव प्राप्त होगा।

















