-बोंझा, सिहानी और सुदामापुरी में अवैध कब्जों पर चलेगा बुलडोजर, भूमाफियाओं की खैर नहीं: महापौर
-बोंझा गाँव की भूमि पर बनेगी आधुनिक मार्केट, सिहानी की 32 बीघा भूमि पर जल्द होगी कार्यवाही
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महापौर सुनीता दयाल ने गुरुवार को नगर निगम अधिकारियों के साथ शहर की तीन प्रमुख स्थानों बोंझा गाँव, सिहानी गाँव और सुदामापुरी स्थित नगर निगम की बहुमूल्य भूमियों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि इन स्थलों पर लंबे समय से भूमाफियाओं और स्थानीय लोगों द्वारा कब्जा कर विभिन्न प्रकार के निजी कार्य किए जा रहे हैं। महापौर ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी अवैध कब्जों को चिन्हित कर तत्काल कब्जामुक्त कराने की कार्यवाही शुरू की जाए। महापौर ने कहा कि नगर निगम की संपत्तियाँ जनता की हैं, किसी निजी व्यक्ति की नहीं। इन्हें अवैध रूप से कब्जा कर लाभ कमाने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम की इन तीनों भूमियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 220 करोड़ रुपये है, जिन्हें शीघ्र ही निगम अपने नियंत्रण में लेकर जनहित के कार्यों में उपयोग करेगा।
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि सिहानी गाँव नंदग्राम स्थित खसरा नंबर 206, 209 और 211 की भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने लंबे समय से कब्जा जमा रखा है। इन भूमियों का उपयोग पार्किंग, रेत-सीमेंट के कारोबार, झुग्गी झोपड़ी निर्माण, भैंस पालन और प्लॉटिंग जैसे अवैध कार्यों में किया जा रहा था। महापौर ने कहा कि लगभग 160 करोड़ रुपये मूल्य की 32 बीघा भूमि को नगर निगम कब्जामुक्त कराएगा। इस भूमि पर कब्जा करने वालों में सलेक त्यागी, राजेश्वर त्यागी, निशांत त्यागी और मोहित त्यागी जैसे लोग शामिल हैं, जो निगम की संपत्ति का उपयोग कर आर्थिक लाभ कमा रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में चल रहे स्थगन आदेश (स्टे) को तत्काल खारिज कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज की जाए ताकि कार्रवाई में कोई विलंब न हो।
बोंझा गाँव पटेल मार्ग पर स्थित खसरा नंबर 282, 283, 284, 285 और 308 की भूमि पर भी कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। यह भूमि लगभग 3-4 बीघा क्षेत्रफल में फैली हुई है, जिसकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। महापौर ने बताया कि नगर निगम इस भूमि को कब्जामुक्त कराकर यहाँ एक आधुनिक मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण करेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को सुविधाएँ मिलेंगी और निगम को राजस्व भी प्राप्त होगा। सुदामापुरी क्षेत्र में डबल टंकी, सिंगल टंकी, आश्रय स्थल और मंदिर परिसर के पास की भूमि पर अवैध झुग्गियाँ, टीन शेड, पशुपालन और अन्य निर्माण पाए गए। महापौर ने कहा कि यहाँ लगभग 4 बीघा भूमि, जिसकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपये है, को भी शीघ्र ही कब्जामुक्त कराया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद कब्जाधारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि वे दो दिनों के भीतर स्वयं अपना सामान हटा लें, अन्यथा नगर निगम द्वारा बुलडोजर चलाकर तोडफ़ोड़ की जाएगी और सम्पूर्ण सामग्री को जब्त कर लिया जाएगा।
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों पर कानूनी कार्यवाही और आर्थिक दंड दोनों लागू किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी क्षेत्र में दोबारा कब्जा पाया गया तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि भूमाफियाओं की वजह से नगर निगम को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था, लेकिन अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम की हर इंच भूमि को कब्जा मुक्त कर जनहित के उपयोग में लाया जाएगा। महापौर ने निरीक्षण के बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर कब्जा हटाने की कार्ययोजना तैयार की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग राजस्व, पुलिस, विकास और कानूनी शाखा मिलकर संयुक्त अभियान चलाएँ।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल भूमि मुक्त कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नगर निगम इन स्थानों को सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं के विकास के लिए भी उपयोग करेगा। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम की हर भूमि जनता की है, और इसे केवल जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नगर निगम का सहयोग करें और अवैध कब्जों की सूचना दें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है गाजियाबाद को स्वच्छ, व्यवस्थित और पारदर्शी शहर बनाना। भूमाफियाओं के कब्जे अब नहीं चलेंगे। हर भूमि जनता के विकास के काम आएगी।
















