नगर निगम का प्रदूषण नियंत्रण अभियान: पानी की बौछार और धूल मुक्त सड़कों से वायु गुणवत्ता में सुधार का प्रयास

-संपूर्ण शहर में अभियान: मोहन नगर, शालीमार गार्डन, विजयनगर और वसुंधरा में सड़क धूल मुक्त और पानी छिड़काव का व्यापक कार्य
-सफाई मित्र और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से सार्वजनिक स्थल और पेड़-पौधों की धूल हटाई जा रही, स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम ने वायु प्रदूषण और बढ़ती धूल को नियंत्रित करने के लिए पूरे शहर में विशेष अभियान शुरू किया है। नगर निगम के सभी विभाग मिलकर सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों को धूल मुक्त बनाने के साथ-साथ पानी की बौछार का कार्य लगातार कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य न केवल सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाना है, बल्कि शहरवासियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना और वायु गुणवत्ता में सुधार लाना भी है। अभियान के तहत मोहन नगर चौक से डाबर चौक, शालीमार गार्डन से भोपुरा चौक, हापुर चुंगी से डायमंड फ्लाईओवर, गोविंदपुरम मेन रोड, विजयनगर प्रताप विहार सेक्टर 12, चौधरी मोड़ से अंबेडकर रोड और वसुंधरा सेक्टर 16 सहित शहर के सभी प्रमुख मार्गों को मैकेनाइज्ड और मैन्युअल दोनों तरीकों से धूल मुक्त किया जा रहा है। सड़कों की साइड पटरी और सार्वजनिक क्षेत्रों में जमा धूल को सफाई मित्र और नगर निगम कर्मी हटाकर सड़क मार्गों को पूरी तरह साफ कर रहे हैं।

अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि महापौर और नगर आयुक्त के निर्देशानुसार पूरे शहर में यह प्रदूषण नियंत्रण अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से पानी छिड़काव कर सड़कों की धूल को कम कर रहा है। सफाई मित्र इस अभियान में अहम भूमिका निभा रहे हैं, जो सड़क किनारे और सार्वजनिक क्षेत्रों में जमा धूल को हटाने में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। नगर निगम के उद्यान विभाग द्वारा पेड़-पौधों पर जमी धूल भी हटाई जा रही है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गंदगी फैलाने वालों पर कड़ी कार्यवाही और जुर्माना किया जाए। साथ ही, सभी विभागों में प्रतिदिन धूल हटाने, पानी छिड़काव और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों की रिपोर्ट समय पर भेजी जाए।

उन्होंने कहा कि शहरवासियों को भी वायु गुणवत्ता सुधार में सहयोग और जागरूकता के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अभियान के माध्यम से न केवल शहरवासियों के स्वास्थ्य में सुधार आएगा, बल्कि सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सुंदरता और वायु गुणवत्ता में भी बढ़ोतरी होगी। नगर निगम की यह पहल प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जागरूकता के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है। नगर निगम की इस संयुक्त कार्यवाही से गाजियाबाद में साफ-सफाई और स्वच्छता की दिशा में एक मजबूत संदेश गया है कि प्रशासन व नागरिक मिलकर शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बना सकते हैं।