1968 आंदोलन के शहीद कर्मचारियों की याद में नेशनल पब्लिक हेल्थ एलाइंस दिल्ली प्रदेश कमेटी ने की बैठक

-8वे वेतन आयोग गठित करने, सरकारी अस्पतालों/संस्थानों का निजीकरण सहित 11 सूत्री मांग पर रखा प्रस्ताव
-1968 आंदोलन के शहीद सरकारी कर्मचारियों का आंदोलन प्रेरणा के साथ देता है लडऩे की ताकत: एस.एस. नेगी

दिल्ली। 1968 आंदोलन के शहीद सरकारी कर्मचारियों की याद में व अपने आन्दोलन को आगे बढ़ाने के लिए जेपीए/एनपीएचए दिल्ली की तरफ से बहुत गुरु तेग बहादुर अस्पताल में अस्पताल के सभागार में नेशनल पब्लिक हेल्पलाइन दिल्ली स्टेट कमेटी का गठन किया गया। जिसमें विजय कुमार को अध्यक्ष और महासचिव के पद पर भारत वीर को सर्वसम्मति से चुना गया। जिसकी अध्यक्षता गुरु तेग बहादुर अस्पताल के अध्यक्ष हंसराज द्वारा की गई। भारत वीर द्वारा मंच संचालन किया गया सभागार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक प्रदर्शनी अनावरण नरेश त्यागी द्वारा नेताजी की तस्वीर पर फूल अर्पण कर किया गया।

एआईयूटीयूसी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हरीश त्यागी के मार्गदर्शन में कर्मचारी सम्मेलन किया गया। इसमें दिल्ली व केंद्र सरकार के अस्पतालों की यूनियनों ने शहीद कर्मचारियों व उनके बलिदान को याद करते हुए 8वे वेतन आयोग को गठित करने, सरकारी अस्पतालों/संस्थानों का निजीकरण और निगमीकरण तथा ठेके पर कर्मचारियों की बड़ी संख्या भर्ती, चार लेबर कोड खत्म करने और ओपीएस लागू करने सहित 11 सूत्री मांग पत्र आगामी कार्य योजना का प्रस्ताव रखा जो सभी ने एक स्वर में सहमति जताई। 19 सितंबर 1968 में सरकारी कर्मचारियों को अपनी 8 सूत्री मांगों को लेकर एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर जाना पड़ा था। देश के कई भागों में आंदोलनकारी सरकारी कर्मचारियों पर लाठी-गोली चलाई गई। जिसमें सैकड़ों घायल और 10 कर्मचारी शहीद हो गए थे। ध्यान रहे ये संघर्ष आज भी उन्ही मांगो से सीख लेकर जेपीए/एनपीएचए हर वर्ष इस दिवस को मनाता रहा है।

कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सरकारी कर्मचारी संगठनों के महासंघ जेपीए के कार्य कारी अध्यक्ष एस.एस. नेगी ने कहा की 1968 का सरकारी कर्मचारियों का यह आंदोलन हमें आज भी न केवल प्रेरणा देता है बल्कि इससे बहुत कुछ सीख देता है। अभी सरकारी कर्मचारियों के ऊपर सरकार की तरफ से बहुत बड़ा हमला किया जा रहा है। सरकारी क्षेत्र को संकुचित किया जा रहा है। कर्मचारियों के अधिकार छीने जा रहे हैं, जैसे कि पेंशन का हक छीना गया। अब रोजगारों  पर भी बहुत बड़ा हमला किया जा रहा है, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने की प्रक्रिया को लागू करना चाहते ही नहीं है बल्कि उनकी नौकरी ही खत्म करने वाले नियम लागू होने जा रहे है। जिसमे 29 श्रमिक कानूनों को बदल कर 4 लेबर कोड को लाये जा रहे हैं। इससे कोई श्रम कानून का संरक्षण नही होगा। कर्मचारी की स्थिति बंधवा मजदूर से भी बदतर हालत में होगी। अभी हमे इसके खिलाफ मिल कर  आंदोलन करने की जरुरत है। मंच से से आह्वान किया गया कर्मचारियों की हितोंऔर मांगों को लेकर दिसंबर महीने में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

नेशनल पब्लिक हेल्पलाइन दिल्ली स्टेट कमेटी का गठन :
मुख्य सलाहकार-  हरीश त्यागी
सलाहकार-     एस.एस.नेगी
अध्यक्ष –     विजय कुमार
वरिष्ठ उपाध्यक्ष –   हंसराज
उपाध्यक्ष-      सुधीर कुमार
कोषाध्यक्ष-      सुजाता मखिजा
महासचिव –      भारत वीर
स्पेशल सचिव-     पवन कुमार
कार्यालय सचिव-  प्रखर मिश्रा

सचिव मंडल:
जनेश कुमार-   जीटीबी
विजय भान –        इहबास
विकास सारस्वत-  जीबीपी कर्मचारी यूनियन
उदित शुक्ला-        आईएफएमएलटी
शकुंतला –            एमसीडी
दीपक कुमार-       दिल्ली रेडियोग्राफर यूनियन
आर.एस.राणा –      जीबीपी पैरामेडिकल यूनियन
बच्ची सिंह-           डिपार्टमेंटल कैंटीन
राजीव लोचन-        एलबीएसएच