उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल ने शुक्रवार को भूटान से पधारे 60 शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के लिए एक विशेष शैक्षिक इमर्शन कार्यक्रम का आयोजन कर एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहल को साकार किया। यह कार्यक्रम भूटान के शिक्षा मंत्रालय एवं कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय प्रकाशन तथा मूल्यांकन विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर शैक्षिक सहयोग और ज्ञान साझा करने की संस्कृति को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रीति हिंगोरानी, वरिष्ठ शिक्षा सलाहकार, दक्षिण एशिया साझेदारी, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय प्रकाशन तथा मूल्यांकन, भारत द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक, नवाचारी और अनुभवपूर्ण सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक डॉ. अरुणाभ सिंह के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने भारत और भूटान के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए शैक्षिक आदान-प्रदान की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, कार्यकारी प्रमुख सुसन होम्स ने कैम्ब्रिज पाठ्यक्रम की विशेषताओं और उसकी वैश्विक उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की। नेहरू वल्र्ड स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित विद्यालय भ्रमण, कक्षा अवलोकन, तथा शिक्षक संवाद जैसी गतिविधियों में भाग लेते हुए भूटानी शिक्षकों ने स्कूल की उत्कृष्ट शिक्षण प्रणाली, छात्र सहभागिता एवं समावेशी शिक्षा के जीवंत उदाहरणों को नजदीक से देखा और सराहा। विद्यालय की नेतृत्व टीम ने इस आयोजन को एक वैश्विक शैक्षिक संगम की संज्ञा दी और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के एकीकरण और साझा अधिगम की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।
टीम ने यह भी कहा कि नेहरू वर्ल्ड स्कूल इस प्रकार के कार्यक्रमों का हिस्सा बनकर स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करता है तथा भविष्य में भी ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रतिबद्ध है। निदेशक डॉ. अरुणाभ सिंह ने कहा कि हमारे लिए यह अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है कि हमें भूटान के 60 शिक्षकों का नेहरू वर्ल्ड स्कूल में स्वागत करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक सहयोग न केवल दो देशों के बीच मित्रता को सशक्त करते हैं, बल्कि शिक्षण और अधिगम की नई दिशाएं भी प्रशस्त करते हैं। भूटानी शिक्षकों के साथ संवाद और विचार-विमर्श हमारे लिए भी एक सीखने का अवसर रहा। हम आशा करते हैं कि यह अनुभव उन्हें भी भारत की विविधता, नवाचार और समावेशी शिक्षा प्रणाली की गहराई से पहचान दिलाएगा। नेहरू वर्ल्ड स्कूल भविष्य में भी इस प्रकार की साझेदारियों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

















