‘एनबीए राइजिंग स्टार आमंत्रणीय प्रतियोगिता – 2025’ में भारत का अकेला प्रतिनिधि
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल के लिए यह क्षण केवल गौरव का नहीं, बल्कि इतिहास रचने का है। स्कूल की बास्केटबॉल टीम को सिंगापुर में 23 से 29 जून 2025 के बीच आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता ‘एनबीए राइजिंग स्टार आमंत्रणीय प्रतियोगिता 2025’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस प्रतियोगिता में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विभिन्न देशों से 12 श्रेष्ठ विद्यालयी टीमों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें भारत की ओर से केवल नेहरू वर्ल्ड स्कूल को चुना गया है। यह आमंत्रण मात्र एक खेल आयोजन का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह भारत की उभरती हुई खेल शक्ति, अनुशासन, समर्पण और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है। नेहरू वर्ल्ड स्कूल की टीम हाल ही में सीबीएसई राष्ट्रीय चैंपियन बनी है, और यह उपलब्धि उसकी निरंतर मेहनत और उत्कृष्ट कोचिंग प्रणाली का परिणाम है। टीम के अधिकांश खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
इससे भी बढ़कर, तीन खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के लिए आमंत्रित किया गया, जिनमें से दो खिलाडिय़ों का चयन भारतीय बास्केटबॉल टीम में हुआ। इन खिलाडिय़ों ने मलेशिया में आयोजित दक्षिण एशिया बास्केटबॉल संघ (एसएबीए) चैम्पियनशिप में भाग लिया और स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। नेहरू वल्र्ड स्कूल की यह उपलब्धि केवल एक स्कूल की विजय नहीं है, बल्कि यह भारत की युवा खेल प्रतिभा की अंतरराष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। यह दिखाता है कि भारत अब खेलों में भी शिक्षा की तरह वैश्विक मंच पर मजबूत और आत्मविश्वासी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नेहरू वल्र्ड स्कूल शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है।
यह सफलता स्कूल की समग्र शिक्षा प्रणाली का प्रमाण है, जिसमें शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को समान महत्व दिया जाता है। स्कूल का यह प्रयास आने वाली पीढिय़ों को यह संदेश देता है कि पढ़ाई और खेल दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं, और एक विद्यार्थी केवल कक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है। आज नेहरू वर्ल्ड स्कूल की टीम न केवल गाजि़याबाद या उत्तर प्रदेश का, बल्कि पूरे भारतवर्ष का प्रतिनिधित्व कर रही है। जब यह टीम सिंगापुर के मैदान में कदम रखेगी, तो उनके साथ केवल एक बास्केटबॉल नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की उम्मीदें, आशीर्वाद और तिरंगे का स्वाभिमान भी होगा।
यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारत की खेल क्रांति की दस्तक
एन.डब्ल्यू.एस. की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी यह प्रमाणित करती है कि भारत की युवा शक्ति अब न सिर्फ किताबों में, बल्कि खेल के मैदानों में भी वैश्विक मंच पर चमक रही है। यह अवसर भारत की खेल कूटनीति और सांस्कृतिक प्रभाव को भी बढ़ावा देता है।
शिक्षा और खेल का आदर्श संगम: नेहरू वर्ल्ड स्कूल
नेहरू वर्ल्ड स्कूल वर्षों से समग्र शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। स्कूल न केवल छात्रों के बौद्धिक विकास पर बल देता है, बल्कि शारीरिक, नैतिक और सामाजिक समृद्धि को भी बराबर महत्व देता है। यही दृष्टिकोण आज देश को अंतरराष्ट्रीय विजेता देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नेहरू वर्ल्ड स्कूल की स्वर्णिम उपलब्धियाँ: भविष्य के चैंपियनों की फौज
• एन.डब्ल्यू.एस. की टीम हाल ही में सीबीएसई राष्ट्रीय चैंपियन बनकर उभरी है।
• लगभग सभी खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में परचम लहरा चुके हैं।
• तीन खिलाड़ी भारत शिविर में आमंत्रित हुए, जिनमें से दो ने भारतीय टीम में चयन पाया।
• इन खिलाडिय़ों ने मलेशिया में हुई साबा चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर स्वर्ण पदक जीतकर भारत को गौरव दिलाया।

















