• थानों में लंबित महिला मामलों का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य
• मिशन शक्ति केंद्र और महिला हेल्प डेस्क की समीक्षा, रिकॉर्ड अपडेटिंग पर जोर
• शातिर और अभ्यस्त अपराधियों पर विशेष कार्रवाई का अल्टीमेटम
• संपत्ति, डकैती और मादक पदार्थ तस्करी मामलों की निगरानी कड़ी
• शिकायतकर्ताओं से समय पर फीडबैक लेना अनिवार्य, सोशल मीडिया जागरूकता बढ़ाई जाए
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव कुमार चौधरी ने मंगलवार को वेव सिटी और क्रॉसिंग रिपब्लिक थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दोनों थानों के प्रभारी अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबित विवेचनाओं की समयबद्ध निस्तारण प्रक्रिया की समीक्षा की और थाना अधिकारियों को शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया। एडीसीपी केशव चौधरी ने थानों के मिशन शक्ति केंद्र, महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क, सीसीटीएन कक्ष और मालखाने का भी निरीक्षण किया। उन्होंने महिला उत्पीडऩ रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की समीक्षा की और उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने थानों के कार्यालयों और परिसर में साफ-सफाई सुनिश्चित करने और सभी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने पर जोर दिया। एडीसीपी ने विवेचनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करने, समय पर साक्ष्य संकलन और नए आपराधिक कानून के अंतर्गत नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसीपी वेवसिटी प्रियाश्री पाल भी मौजूद रही।
उन्होंने छह माह से लंबित मामलों की समीक्षा की और समयबद्ध निस्तारण के साथ वांछित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आदेश दिया। इसके अलावा सम्मन और वारंटों का अधिकतम तामील कराने के निर्देश भी दिए गए। केशव चौधरी ने शातिर, अभ्यस्त और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और जिलाबदर कार्रवाई कराने का आदेश दिया। उन्होंने सक्रिय गैंगों के पंजीकरण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ संपत्ति जब्ती के लिए धारा-14(1) के अंतर्गत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। एडीसीपी ने पिछले 10 वर्षों में संपत्ति अपराध, डकैती, लूट, चैन स्नेचिंग, चोरी, नकबजनी और गोवध में संलिप्त अपराधियों की आपराधिक रिकॉर्ड की समीक्षा की। उन्होंने सक्रिय अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएसएस की निरोधात्मक धाराओं में कार्रवाई सुनिश्चित करने और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
एडीसीपी ने निर्देश दिए कि महिला अपराधों की शिकायतों में शिकायतकर्ताओं से समय पर फीडबैक लिया जाए। साथ ही सोशल मीडिया पर संवेदनशील सामग्री साझा न करने और आपत्तिजनक टिप्पणियों से बचने के लिए नागरिकों को जागरूक किया जाए। केशव चौधरी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने और अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एडीसीपी ने कहा कि महिला अपराधों में समयबद्ध कार्रवाई और गुणवत्ता युक्त विवेचनाओं से न केवल अपराधियों को कड़ा संदेश मिलेगा, बल्कि नागरिकों में पुलिस पर विश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने थानों में त्वरित कार्रवाई, नियमित निरीक्षण और निगरानी के माध्यम से महिला सुरक्षा को मजबूत करने की बात कही। एडीसीपी ने सुनिश्चित किया कि सभी थानों में महिला सुरक्षा, विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और शिकायतकर्ताओं को फीडबैक देने की प्रक्रिया लगातार जारी रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के कर्मी अपने क्षेत्र में पूरी सजगता और अनुशासन के साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

















