• नियमों का पालन ही सड़क सुरक्षा की कुंजी: डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन
• नवंबर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई, 2.3 लाख चालान जारी
• बिना हेलमेट, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और शराब पीकर वाहन चलाने वाले सबसे अधिक दंडित
• जागरूकता के लिए स्कूल, कॉलेज और समाज में व्यापक अभियान, 10 लाख लोगों तक संदेश पहुंचाया
• आईटीएमएस के तहत हाईटेक कैमरों से रियल टाइम मॉनिटरिंग और स्वत: चालान प्रणाली जल्द लागू
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में नवंबर माह को यातायात सुरक्षा माह के रूप में मनाते हुए कमिश्नरेट गाजियाबाद की ट्रैफिक पुलिस ने पूरे जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिले भर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की गई। पूरे महीने में कुल 2,30,412 चालान काटे गए, जिनसे 39 करोड़ 30 लाख 58 हजार 800 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अधिकारी बताते हैं कि इस अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक नहीं था, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाना भी था। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन न करने से न केवल चालकों और पैदल चलने वालों के जीवन पर खतरा बढ़ता है, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले चालकों पर की गई। कुल 1,41,251 चालान इसी श्रेणी में जारी किए गए।
इसके अलावा 21,409 लोगों को रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते पकड़ा गया, जबकि शराब पीकर वाहन चलाने के 662 मामले दर्ज किए गए। अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 67,090 चालकों पर भी जुर्माना लगाया गया। डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस ने सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्रवाई लोगों को चेतावनी देने के साथ-साथ उन्हें नियमों के प्रति जागरूक भी कर रही है। गाजियाबाद में जल्द ही आईटीएमएस (इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) भी शुरू किया जा रहा है।
इसके तहत जिले के 41 प्रमुख चौराहों पर हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे, जो स्वत: नियम तोड़ने वालों का चालान जारी करेंगे। इसके अलावा कंट्रोल रूम से पूरे शहर के ट्रैफिक को रियल टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से नियंत्रित किया जाएगा। इससे जाम की समस्या और अन्य यातायात बाधाओं का तुरंत समाधान संभव होगा। ट्रैफिक पुलिस ने अंत में सभी नागरिकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन ही सुरक्षित गाजियाबाद की सबसे बड़ी कुंजी है और पुलिस प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
जागरूकता अभियान में स्कूल, कॉलेज और समाज के लोगों तक संदेश पहुंचाया गया
सड़क सुरक्षा जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीमों ने नवंबर माह में जिले के 240 स्कूलों और कॉलेजों में जाकर 1,40,944 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा जिलेभर में लगभग 10 लाख लोगों को यातायात नियमों के पालन और सुरक्षा उपकरणों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। अभियान के दौरान कई स्थानों पर नि:शुल्क हेलमेट वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, ताकि लोग सुरक्षा उपकरणों का महत्व समझें और उनका नियमित उपयोग करें। पुलिस ने कहा कि यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को नियमों के प्रति संवेदनशील बनाने और दुर्घटनाओं को रोकने का प्रभावी प्रयास है।
नियमों का पालन सुरक्षित गाजियाबाद की कुंजी
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल नवंबर तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे वर्ष यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की साझा जिम्मेदारी है और नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट का प्रयोग करें और नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों के सहयोग से ही इसे सुनिश्चित किया जा सकता है।

डीसीपी ट्रैफिक
नवंबर माह को यातायात सुरक्षा माह के रूप में मनाते हुए हमने पूरे जिले में विशेष अभियान चलाया है। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 2,30,412 चालकों पर कार्रवाई की गई, जिससे 39 करोड़ 30 लाख 58 हजार 800 रुपये का जुर्माना वसूला गया। हमारी यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं को कम करना है। हमने विशेष रूप से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों, रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वालों और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की। इसके अलावा पूरे जिले के स्कूलों और कॉलेजों में 1,40,944 छात्रों को यातायात नियमों और सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक किया गया। नागरिकों से अपील है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सभी की साझा जिम्मेदारी है। हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट का प्रयोग करें और नशे में वाहन न चलाएं। नियमों का पालन करके हम सभी मिलकर गाजियाबाद को सुरक्षित शहर बना सकते हैं। इसके साथ ही, शहर में जल्द ही इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) शुरू किया जाएगा, जिसके तहत हाईटेक कैमरों से स्वत: चालान जारी होंगे और कंट्रोल रूम से शहर के ट्रैफिक को रियल टाइम मॉनिटर किया जाएगा। यह हमारी ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।
त्रिगुण बिसेन
डीसीपी ट्रैफिक

















