नई व्यवस्था से अवैध निर्माण-अनाधिकृत कॉलोनी पर कसा जाएगा शिकंजा: अतुल वत्स

-जीडीए के प्रवर्तन जोन-2, 3, 4, 7 व 8 में सबसे ज्यादा अवैध हो रहे निर्माण  
-नई व्यवस्था के तहत प्रवर्तन जोन के सब जोन में तैनात इंजीनियरों का देनी होगी गूगल फोटो
-जिस इंजीनियर के समय में हुआ होगा अवैध निर्माण, उसके खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

गाजियाबाद। जीडीए सीमा क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण एवं अवैध कॉलोनियों को काटे जाने से रोकने के लिए अब नई व्यवस्था से शिकंजा कसा जा सकेगा। हालांकि इन अवैध निर्माण के पीछे जीडीए के इंजीनियरों, सुपरवाइजर और सफेदपोश के गठजोड़ की वजह से शहर में जगह-जगह यह अवैध निर्माण जारी है। इस गठजोड़ को तोड़ने के लिए जीडीए उपाध्यक्ष नई व्यवस्था की शुरुआत करने वाले है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने पदभार ग्रहण करने के बाद हालांकि शहर में अवैध निर्माण व अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कराने के साथ-साथ सीलिंग की कार्रवाई को प्रभावी कराया है। मगर अवैध निर्माण को सील करने के बाद भी कुछ इलाकों में अवकाश के दिन रविवार को लेंटर तक डाल दिया गया। अगर देखा जाए तो जीडीए के प्रवर्तन जोन-2, 3, 4, 7 व 8 जोन क्षेत्र में सबसे अधिक निर्माण हो रहे हैं। प्रवर्तन जोन-3 क्षेत्र में रईसपुर-सदरपुर मार्ग, मटियाला, मैनापुर, दुहाई, भिक्कनपुर, भोजपुर, मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध निर्माण व अवैध कॉलोनी काटी जा रही हैं।

इनमें से हालांकि जोन प्रभारी ने मौके पर जाकर सीलिंग की कार्रवाई भी कराई। मगर सील करने के बाद फिर भी चोरी-छिपे अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह भी है कि जोन क्षेत्र के इंजीनियर व सुपरवाइजर अवैध निर्माण की शुरुआत होते ही कार्रवाई कर दें तो काफी हद तक अंकुश लग सकेगा। मगर नींव भरने से लेकर लेंटर डलने तक कोई कार्रवाई प्रवर्तन जोन प्रभारी से लेकर इंजीनियरों द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है। जीडीए के प्रवर्तन प्रभारी व इंजीनियर अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनी में प्लाटिंग करने वालों को नोटिस जारी कर इतिश्री कर लेते हैं। जीडीए प्रवर्तन जोन-3 क्षेत्र के बालाजी एनक्लेव की गली नंबर-10 ई-55 के सामने अवैध निर्माण जारी है। बिल्डर ने यहां पर करीब डेढ़ माह में बिल्डिंग तैयार कर ली और उसके बाद चोरी छिपे निर्माण करा रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने उपाध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद अपनी कुशल कार्यशैली से कम समय में कुछ बदलाव तो किए है।

इसके बाद अधिकारियों ने भी अवैध निर्माण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्रवाई की। आगामी जुलाई माह में 4 जेसीबी मशीन खरीदने के बाद बड़े स्तर पर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का काम भी शुरू होगा। जीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि अवैध निर्माण व अनाधिकृत कॉलोनियों पर अब प्रभावी तरीके से रोक लगाई जाएगी। नई व्यवस्था के तहत प्रवर्तन जोन के सब जोन में तैनात इंजीनियरों का तबादला होने पर उन्हें उस क्षेत्र की गूगल फोटो देनी होगी। ताकि यह पता चल सके कि किसकी मिलीभगत से वहां पर अवैध निर्माण हुआ। जिस इंजीनियर के समय में वहां पर अवैध निर्माण हुआ होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बड़े पैमाने पर अब अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए अभियान चलवाया जाएगा। जिस जोन क्षेत्र में भी अवैध निर्माण व अवैध कॉलोनियां काटी जा रही है। उसमें अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने की कार्रवाई कराई जाएगी।