-पहले चरण में 33 परिवारों के युवाओं को नियुक्ति पत्र, शेष बच्चों के लिए भी जल्द रोजगार सुनिश्चित
-335 परिवारों ने चुना नौकरी का विकल्प, एयरपोर्ट परियोजना से स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार का अवसर
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण में अपनी जमीन देने वाले किसान परिवारों के बच्चों को रोजगार देने की प्रक्रिया अब तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। अब तक 33 किसान परिवारों के युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं और शेष परिवारों के युवाओं को भी एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले रोजगार प्रदान करने की तैयारी जोरों पर है। यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने और परियोजना से जुड़े लाभ सीधे प्रभावित परिवारों तक पहुँचाने के उद्देश्य से की गई है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग 1334 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया गया है। यह भूमि किसानों से अधिग्रहित की गई थी। भूमि अधिग्रहण के समय किसानों को दो विकल्प दिए गए थे। पहला विकल्प था-पाँच लाख रुपये की एकमुश्त राशि और दूसरा विकल्प था-एयरपोर्ट परियोजना में रोजगार। कुल 335 किसान परिवारों ने नौकरी का विकल्प चुना, जबकि बाकी परिवारों ने मुआवजे के रूप में धनराशि लेना स्वीकार किया।
अब तक नौकरी का विकल्प चुनने वाले 335 परिवारों में से 33 परिवारों के युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रबंधन शेष परिवारों के बच्चों को भी जल्द नियुक्ति पत्र देने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले सभी पात्र परिवारों के युवाओं को रोजगार प्रदान किया जा सके। मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, आरके सिंह ने बताया कि सभी योग्य उम्मीदवारों को उनकी योग्यता और चयन प्रक्रिया के अनुसार रोजगार प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में आने वाली किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जा रहा है ताकि समय पर नियुक्तियां पूरी की जा सकें। उनका कहना है कि यह रोजगार केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और भविष्य के स्थायी रोजगार का एक अवसर है। रोजगार मिलने से प्रभावित परिवारों में उत्साह की लहर है।
कई परिवारों ने बताया कि उनके लिए यह रोजगार न केवल आर्थिक रूप से सहारा होगा, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य के लिए भी सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा। पहले चरण में नियुक्ति प्राप्त करने वाले युवाओं ने भी कहा कि यह अवसर उनके लिए जीवन बदलने वाला साबित होगा। इस तरह की पहल न केवल परियोजना से जुड़े परिवारों के लिए लाभकारी है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। जब परिवारों के युवा स्थायी रोजगार पाएंगे, तो उनकी आय बढ़ेगी, स्थानीय बाजार में खर्च बढ़ेगा और परियोजना के आसपास रहने वाले समुदाय में समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना में रोजगार देने की योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। पहले चरण में 33 नियुक्तियों के बाद अगले चरण में सभी शेष परिवारों के युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। रोजगार के अवसर केवल एयरपोर्ट संचालन और प्रशासन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इसमें तकनीकी, सुरक्षा, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक कार्यों में भी युवाओं को शामिल किया जाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना ने इस दिशा में उदाहरण स्थापित किया है कि किसानों के अधिकारों और उनकी आजीविका के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है। आरके सिंह ने आगे कहा कि हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि जिन परिवारों ने नौकरी का विकल्प चुना है, उनके सभी योग्य बच्चों को रोजगार दिया जाए। इससे परियोजना से जुड़े लाभ सीधे प्रभावित परिवारों तक पहुंचेंगे और स्थानीय युवाओं को स्थायी आजीविका का अवसर मिलेगा। हमारी कोशिश है कि यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इस पहल के माध्यम से न केवल प्रभावित परिवारों के जीवन में स्थायित्व आएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के कौशल और रोजगार की संभावनाओं में भी वृद्धि होगी। नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट परियोजना ऐसे मॉडल की मिसाल बनेगी, जिसमें विकास और सामाजिक लाभ दोनों साथ-साथ सुनिश्चित किए गए हैं।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ)
यमुना प्राधिकरण
जिन किसान परिवारों ने नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट परियोजना में अपनी जमीन दी और नौकरी का विकल्प चुना है, उनके सभी योग्य बच्चों को रोजगार दिया जाएगा। अब तक 33 परिवारों के युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं और शेष परिवारों के युवाओं को भी एयरपोर्ट के शुभारंभ से पहले नौकरी मिलने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हम नियुक्तियों में आ रही किसी भी बाधा को तुरंत दूर कर रहे हैं ताकि सभी योग्य उम्मीदवार समय पर अपने पदों पर कार्यभार संभाल सकें। हमारा उद्देश्य है कि किसानों को न केवल मुआवजा मिले, बल्कि उनके परिवारों के लिए स्थायी रोजगार और आजीविका के अवसर भी सुनिश्चित हों।
आरके सिंह
मुख्य कार्यपालक अधिकारी
नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड
















