नोएडा प्राधिकरण की 219वीं बोर्ड बैठक: रुकी हुई 57 रियल एस्टेट परियोजनाओं की समीक्षा और पर्यावरणीय सुधार के बड़े निर्णय

-3,724 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री पूरी, नियमों का सख्ती से पालन, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र और सीवेज सुधार को मंजूरी
-नोएडा प्राधिकरण ने निर्धारित की रणनीति, आवासीय परियोजनाओं का समाधान और तकनीकी निगरानी सुदृढ़

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड कक्ष में शुक्रवार को 219वीं बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्रदेश के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने की। बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. लोकेश एम, ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एन.जी. रवि कुमार, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह, सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी करूणेश कृष्ण, वंदना त्रिपाठी, सतीश पाल समेत कई महाप्रबंधक और अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पुरानी रुकी हुई 57 रियल एस्टेट परियोजनाओं (पुराने रुके हुए आवासीय प्रोजेक्ट) की समीक्षा की गई। इनमें से 35 परियोजनाओं ने शासनादेश का लाभ उठाया और लगभग 3,724 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री पूरी की गई। वहीं, 10 परियोजनाओं ने भुगतान नहीं किया, 13 ने आंशिक भुगतान किया और 35 ने 25′ भुगतान के बाद कोई राशि जमा नहीं की।

बोर्ड ने स्पष्ट किया कि शासनादेश के तहत लाभ की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी और अतिदेयताओं की वसूली नियमों के अनुसार की जाएगी। बैठक में आवासीय भूखंडों और समूह आवास परिसंपत्तियों की समय सीमा और अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए भी नियमों को अंतिम रूप दिया गया। 12 साल से अधिक समय में निर्माण न करने वाले भूखंड निरस्त किए जाएंगे और निर्माणाधीन भवनों को केवल 6 माह का अंतिम अवसर दिया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि शासनादेश की मूल भावना के खिलाफ कोई भी कार्य सहन नहीं किया जाएगा। सभी रुकी हुई परियोजनाओं के लिए नियमों का पालन अनिवार्य होगा। जो परियोजनाएं भुगतान या निर्माण में लापरवाह रहेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक ने नोएडा प्राधिकरण के रियल एस्टेट, पर्यावरणीय सुधार और शहरी योजनाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

तकनीकी निगरानी और पारदर्शिता के लिए नए सॉफ्टवेयर लागू
प्राधिकरण ने निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रहरी सॉफ्टवेयर, परियोजना निगरानी सॉफ्टवेयर, अनुबंध/निर्माण प्रबंधक सॉफ्टवेयर और चाणक्य सॉफ्टवेयर लागू करने का निर्णय लिया। इसके माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति, भुगतान और तकनीकी मूल्यांकन की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी और विभागीय निगरानी मजबूत होगी।

पर्यावरणीय और नागरिक सुविधाओं में बड़े सुधार
बैठक में 300 टीपीडी क्षमता वाला एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशानुसार चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की मरम्मत और उन्नयन के लिए 87.6 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। 24 ड्रेनों में एफ.बी.ए.एस. पद्धति के अनुसार शोधन प्रणाली लागू करने का भी निर्णय लिया गया।

सड़क, शिक्षा और पुलिस व्यवस्था के लिए भूमि आवंटन
बैठक में सेक्टर 143 में पुलिस थाना के लिए भूमि का नि:शुल्क आवंटन किया गया। साथ ही यूनिफाइड रेगुलेशन 2025 के तहत कॉलेज, सीनियर सेकेंडरी स्कूल और नर्सिंग होम के लिए भूमि की योजना को मंजूरी दी गई। स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े सेक्टर 78, 79, 150 और 152 की आवंटित भूमि से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में कुल 37 एजेंडे पर विचार किया गया। वर्ष 2024-25 के व्यय का तुलनात्मक अध्ययन किया गया और नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उपलब्ध धनराशि और शेयरधारिता पर भी विचार-विमर्श किया गया। बोर्ड ने रियल एस्टेट, पर्यावरण, शहरी योजना और प्रशासनिक पारदर्शिता में सुधार के लिए रणनीतिक दिशा तय की।