-इलाज, व्यायाम और भरोसे का संगम, हेमाथॉन में उमड़ा जनसैलाब
-जागरूकता दौड़ में बच्चों और परिजनों की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह
-नॉन-फैक्टर थेरेपी और फैक्टर उपलब्धता पर हुई गंभीर चर्चा
-चिकित्सकों और फिटनेस विशेषज्ञों ने साझा किए उपचार और देखभाल के सुझाव
-नॉन-फैक्टर थेरेपी और फैक्टर उपलब्धता पर हुई गंभीर चर्चा
-चिकित्सकों और फिटनेस विशेषज्ञों ने साझा किए उपचार और देखभाल के सुझाव
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। हीमोफीलिया जैसी गंभीर और आजीवन रहने वाली रक्तस्राव संबंधी बीमारी के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को हीमोफीलिया सोसाइटी नोएडा की ओर से नोएडा हाट में भव्य जागरूकता कार्यक्रम ‘नोएडा हेमाथॉन’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों, फिटनेस विशेषज्ञों, हीमोफीलिया से पीडि़त बच्चों, उनके परिजनों और आम लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने हीमोफीलिया के आधुनिक इलाज, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यायाम की भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्नातकोत्तर बाल स्वास्थ्य संस्थान, नोएडा के डीन डॉ. डी.के. सिंह ने बतौर विशिष्ट अतिथि हीमोफीलिया के इलाज में नॉन-फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी यानी फैक्टर रहित प्रतिस्थापन चिकित्सा पर जानकारीपूर्ण व्याख्यान दिया।
नोएडा। हीमोफीलिया जैसी गंभीर और आजीवन रहने वाली रक्तस्राव संबंधी बीमारी के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को हीमोफीलिया सोसाइटी नोएडा की ओर से नोएडा हाट में भव्य जागरूकता कार्यक्रम ‘नोएडा हेमाथॉन’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों, फिटनेस विशेषज्ञों, हीमोफीलिया से पीडि़त बच्चों, उनके परिजनों और आम लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने हीमोफीलिया के आधुनिक इलाज, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यायाम की भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्नातकोत्तर बाल स्वास्थ्य संस्थान, नोएडा के डीन डॉ. डी.के. सिंह ने बतौर विशिष्ट अतिथि हीमोफीलिया के इलाज में नॉन-फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी यानी फैक्टर रहित प्रतिस्थापन चिकित्सा पर जानकारीपूर्ण व्याख्यान दिया।
उन्होंने बताया कि यह नई चिकित्सा पद्धति मरीजों के जीवन को पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना रही है, क्योंकि इसमें बार-बार फैक्टर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वहीं एमएमजी अस्पताल, गाजियाबाद से आए डॉ. डी.के. वर्मा ने फैक्टर की उपलब्धता और इसे खरीदने में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि फैक्टर दवाएं महंगी होने के कारण कई मरीजों तक समय पर नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने एमएमजी अस्पताल में स्थायी रूप से एक रक्त रोग विशेषज्ञ (हेमेटोलॉजिस्ट) की नियुक्ति का सुझाव भी दिया, जिससे हीमोफीलिया पीडि़तों को बेहतर उपचार मिल सके।
कार्यक्रम में डॉ. कृष्ण नागरवाल ने हीमोफीलिया में जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सही समय पर और नियमित रूप से की गई फिजियोथेरेपी से जोड़ों में होने वाले रक्तस्राव को कम किया जा सकता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। इस अवसर पर प्रसिद्ध फिटनेस केंद्र बी मिलिट्री फिट की सहभागिता भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। फिटनेस कोच श्री बिनोद भद्री ने कहा कि हीमोफीलिया से पीडि़त बच्चों के लिए डॉक्टर की सलाह से तैयार किया गया व्यक्तिगत व्यायाम कार्यक्रम बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम और खेल गतिविधियों में भाग लेने से शरीर मजबूत होता है और जीवनशैली बेहतर बनती है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जागरूकता दौड़ (अवेयरनेस रन) रही, जिसमें हीमोफीलिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों के चेहरों पर आत्मविश्वास और मुस्कान यह दर्शा रही थी कि ऐसे आयोजन उनके मनोबल को कितना बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में हीमोफीलिया सोसाइटी नोएडा के अध्यक्ष प्रणय गोयल और सचिव अल्पना भटनागर ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों, स्वयंसेवकों, प्रतिभागियों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में हीमोफीलिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पीड़ित परिवारों को मानसिक व सामाजिक सहयोग देना भी है। हेमाथॉन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके बाद सामूहिक ब्रंच के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन न केवल जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि हीमोफीलिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए आशा और विश्वास का संदेश भी लेकर आया।















