-सीएमआईएस पोर्टल पर प्रगति परियोजनाओं की समीक्षा में हुई कड़ी कार्रवाई
-जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण कार्य निष्पादन के दिए सख्त निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित परियोजनाओं की प्रगति की मासिक बैठक के दौरान नदारद रहने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों में जल निगम शहरी खंड-2 के अधिशासी अभियंता, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता राम राजा, पुलिस आवास निगम, अधिशासी अभियंता आवास एवं विकास परिषद, अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण भवन खंड मेरठ, अधिशासी अभियंता सिंचाई मेरठ खंड और प्रोजेक्ट मैनेजर एचएचसीसी शामिल थे। जिलाधिकारी ने इन सभी अधिकारियों पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को निर्देश दिया कि यह धनराशि विकलांग बच्चों के इलाज और कल्याण हेतु उपयोग की जाए।
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि कोई भी परियोजना समय पर न हो, उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी और किसी भी कोताही की अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि सीएमआईएस पोर्टल पर 1 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 320 परियोजनाएं दर्ज हैं, जिनमें से 167 पूर्ण हो चुकी हैं और 136 अपूर्ण हैं। दिसंबर माह में 17 परियोजनाएं विलंबित पाई गई हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए और भूमि संबंधी किसी भी विवाद का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि धनाभाव या अन्य संसाधनों में किसी प्रकार की समस्या आने पर वे अपने स्तर से या जिलाधिकारी स्तर से मुख्यालय को शीघ्र पत्र प्रेषित करें। डीएम ने अधिकारियों से कागजी कार्रवाई में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने का भी सख्त आदेश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, आईएएस अयान जैन, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव एवं संबंधित विभागों और संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने न केवल प्रगति की समीक्षा की, बल्कि मौके पर ही शिकायतों का निस्तारण कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
















