महापौरों से संपर्क कर ही शहरों के लिए नीति पर निर्णय लें अधिकारी: एके शर्मा

-लखनऊ में नगर विकास मंत्री एवं प्रमुख सचिव संग महापौर परिषद की बैठक

गाजियाबाद। प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के साथ लखनऊ में उत्तर प्रदेश महापौर परिषद की बैठक हुई। नगर विकास मंत्री ने बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात समेत सभी महापौरों को आश्वस्त किया कि शहरों के लिए जो भी नीति बनाई जाएगी। उसमें महापौरों से संपर्क करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। लखनऊ में आयोजित हुई महापौर परिषद की बैठक में प्रदेश के सभी 17 नगर निगम के महापौर उपस्थित हुए। इनमें गाजियाबाद नगर निगम महापौर सुनीता दयाल के अलावा लखनऊ के हेमलता दिवाकर, प्रशांत सिंघल, गिरीशपति त्रिपाठी, उमेश गौतम, सुरेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, बिहारीलाल वर्मा, प्रमिला पांडे, सुषमा खरकवाल, हरिकांत अहलूवालिया, विनोद अग्रवाल, गणेश केसरवानी, डॉ. अजय कुमार, अर्चना वर्मा, अशोक तिवारी, विनोद शर्मा शामिल हुए।

महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि महापौर परिषद की बैठक में शहर के विकास के लिए मुख्य बिंदु रहे। बैठक के बाद सभी महापौर ने नगर विकास मंत्री एके शर्मा, प्रमुख सचिव अमृत अभिजात एवं विभागों के अन्य सचिव के साथ बैठक की गई। नगर विकास मंत्री ने सभी शहरों का हाल जाना और किस प्रकार सभी नगर निगम में कार्य किया जा रहा है। इस पर भी बात की गई। नगर विकास मंत्री ने बैठक में सभी महापौर के प्रमुख बिंदुओं को लिखकर उन पर अमल करने को लेकर आश्वस्त किया। महापौर सुनीता दयाल ने बैठक में नगर निगम की कार्यशैली से सभी को अवगत कराया। शहर में किस प्रकार विकास कार्य किए जा रहे है।

इससे अवगत कराया। नगर विकास मंत्री ने विभाग से किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए आश्वस्त किया। सभी महापौर ने कहा कि इसी प्रकार की बैठक समय-समय पर होनी चाहिए। इस पर नगर विकास मंत्री ने कहा कि समय-समय पर ऐसा ही किया जाएगा। उन्होंने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि सभी महापौर के संपर्क में रहे और किसी प्रकार की नीति के लिए महापौर से संपर्क करके ही निर्णय लिया जाए।