-प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ करने और त्योहारों को देखते हुए लिया गया निर्णय
-बिना अपॉइंटमेंट आने वालों को मिलेगी फाइल स्थिति की जानकारी, पर कार्यवाही हेतु पुन: आना होगा
-‘भीड़ नहीं, सुव्यवस्थित सेवा चाहिए’: क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप की स्पष्ट अपील
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गाजियाबाद में 2 मार्च से 5 मार्च 2026 तक केवल ऑनलाइन अपॉइंटमेंट आधारित पूछताछ सेवाएं ही उपलब्ध रहेंगी। इस अवधि के दौरान बिना पूर्व निर्धारित समय (वॉक-इन) के आने वाले आवेदकों के लिए नियमित सेवा अस्थायी रूप से स्थगित रहेगी। कार्यालय प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि प्रशासनिक कारणों और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे कार्यालय व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने, लंबित मामलों की सुव्यवस्थित समीक्षा करने तथा सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। हालांकि इस दौरान यदि कोई आवेदक बिना ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के कार्यालय पहुंचता है, तो उसे उसकी संबंधित फाइल की वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। लेकिन यदि किसी प्रकार की आवश्यक कार्यवाही शेष है, तो संबंधित आवेदक को पुन: निर्धारित समय लेकर कार्यालय आना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप ने बताया कि कार्यालय का उद्देश्य आवेदकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सीमित अवधि के लिए ऑनलाइन पूछताछ प्रणाली को प्राथमिकता देने से न केवल कार्यालयीन कार्यप्रवाह में सुधार होगा, बल्कि आवेदकों को भी सुनियोजित और व्यवस्थित सेवा प्राप्त होगी। अनुज स्वरूप की कार्यशैली को लेकर पासपोर्ट कार्यालय में सकारात्मक चर्चा रहती है। उनके नेतृत्व में कार्यों के डिजिटलीकरण, समयबद्ध निस्तारण और नागरिक अनुकूल वातावरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी आवेदक को अनावश्यक असुविधा न हो तथा जानकारी उपलब्ध कराने में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।
उन्होंने अपील की है कि जो आवेदक इस अवधि में कार्यालय आना चाहते हैं, वे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन कर उपलब्ध ऑनलाइन पूछताछ संबंधी अपॉइंटमेंट अवश्य ले लें। इससे उन्हें प्रतीक्षा से बचने और सुगम सेवा प्राप्त करने में सुविधा होगी। कार्यालय प्रशासन का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था 5 मार्च के बाद समाप्त हो जाएगी और सेवाएं पुन: सामान्य रूप से प्रारंभ कर दी जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए यह कदम आवश्यक था। पासपोर्ट कार्यालय के जानकारों का मानना है कि अनुज स्वरूप के नेतृत्व में कार्यालय ने सेवा गुणवत्ता और जवाबदेही के नए मानक स्थापित किए हैं।
शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने, आवेदनों के त्वरित निस्तारण और डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर उनका विशेष जोर रहा है। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए ऑनलाइन प्रणाली का ही उपयोग करें। प्रशासन का विश्वास है कि इस सुविचारित कदम से सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार होगा तथा आवेदकों को अधिक व्यवस्थित और संतोषजनक अनुभव प्राप्त होगा।
















