ITS डेंटल कॉलेज में एस्थेटिक डेंटिस्ट्री पर कॉम्प्रेहेन्सिव कोर्स के दूसरे मॉड्यूल का आयोजन

उदय भूमि
गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित आईटीएस डेंटल कॉलेज मुरादनगर के कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडोंटिक्स विभाग द्वारा सोमवार और मंगलवार को एस्थेटिक डेंटिस्ट्री पर कॉम्प्रेहेन्सिव कोर्स के दूसरे मॉड्यूल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिसमें संस्थान के दंत चिकित्सक, एमडीएस एवं बीडीएस के विद्यार्थी शामिल थे। यह कोर्स एस्थेटिक डेंटिस्ट्री एसोसिएशन ऑफ इंडिया और शोफू इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन, अर्पित चड्ढा के सहयोग से आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को एस्थेटिक डेंटिस्ट्री के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्रदान करना है।

इस पाठ्यक्रम के गेस्ट स्पीकर डॉ मोहन कुमार आरएस, प्रोफेसर, प्रियदर्शिनी डेंटल कॉलेज, चेन्नई, सचिव एस्थेटिक्स डेंटिस्ट्री एसोसिएशन ऑफ इंडिया, आईएसीडीई के मानद महासचिव और डॉ शिशिर सिंह, एडिटर एंड चीफ, जनरल ऑफ कंज़र्वेटिव डेंटिस्ट्री, डीन प्रोफेसर और एचओडी, कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडोंटिक्स विभाग, टेरना डेंटल कॉलेज, नवी मुंबई थे, जिनके पास एस्थेटिक्स डेंटिस्ट्री के क्षेत्र में व्यापक ज्ञान है और वह नियमित रूप से इस तरह के पाठ्यक्रम संचालित कर रहें है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा प्रतिभागियों को एस्थेटिक डेंटिस्ट्री के सिद्धांतों और प्रथाओं में प्रशिक्षित करने के लिए तैयार किया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को बायोमेट्रिक सिद्धांतों, इनले, ओनले और फोटोग्राफी पर व्याख्यान तथा डेमोंस्ट्रेशन और हैंड्स-ऑन किया गया।

इसके साथ ही विभिन्न व्याख्यान, इंटरैक्टिव सत्र, प्रदर्शन और व्यावहारिक अभ्यास के संयोजन के माध्यम से गहन ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों व्याख्यान प्रस्तुत किये गये जिसमें मुख्य रूप से बायोमीमेटिक सिद्धांत, अप्रत्यक्ष समग्र, अप्रत्यक्ष बहाली का सीमेंटेशन और फोटोग्राफी शामिल थे। पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों के कौशल और ज्ञान को उन्नत करना तथा उन्हें एस्थेटिक डेंटिस्ट्री के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञता के साथ सशक्त बनाना था। दोनों वक्ताओं ने बीडीएस एवं एमडीएस के विद्यार्थियों और अन्य दंत चिकित्सकों के लिये इस तरह के ज्ञानवर्धक मंच के आयोजन के लिये संस्थान को धन्यवाद दिया।