पार्कों की अनदेखी नहीं चलेगी, हरियाली से कोई समझौता नहीं: विक्रमादित्य सिंह मलिक

-कवि नगर और सिटी जोन के पार्कों का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी
– ओपन जिम, रोशनी, सिंचाई, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के सख्त निर्देश
– गाजियाबाद को ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में निगम की सक्रिय पहल, नागरिकों से सहयोग की अपील

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के पार्कों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और हरियाली से भरपूर बनाए रखने के उद्देश्य से नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मंगलवार को कवि नगर और सिटी जोन क्षेत्र के विभिन्न पार्कों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पार्कों में आमजन के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान पार्कों में बेंचों की स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए सबमर्सिबल पंपों की उपलब्धता, माली की तैनाती, पौधों की नियमित कटिंग, खुले व्यायामशालाओं की स्थिति, शौचालयों की साफ-सफाई, प्रवेश द्वारों की व्यवस्था तथा घास और हरियाली की स्थिति का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्क केवल सौंदर्य का प्रतीक नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा हैं, इसलिए इनकी उपेक्षा किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्य रूप से नगर आयुक्त ने कवि नगर जोन के डी-ब्लॉक स्थित कला धाम पार्क, वृद्धा पार्क और संत कबीर पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्कों में लगे ओपन जिम उपकरणों की स्थिति को भी परखा गया। नगर आयुक्त ने उपकरणों की नियमित मरम्मत और सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सुबह-शाम व्यायाम करने आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के समय वरिष्ठ प्रभारी उद्यान एन.के. चौधरी और प्रभारी उद्यान अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्कों में ग्रीनरी किसी भी कीमत पर कम नहीं होनी चाहिए। जहां-जहां घास खराब हो रही है, वहां समय रहते पुन: घास लगाए जाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पार्कों में बने कमरों और अन्य संरचनाओं को भी व्यवस्थित रखने को कहा गया।

नगर आयुक्त ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शहर के लगभग सभी वार्डों में ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में शहरवासी उठा रहे हैं। पार्कों में बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों-सभी के लिए सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे लोग स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पार्कों की बेहतर देखरेख के लिए उद्यान विभाग के सुपरवाइजरों की मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में गाजियाबाद नगर निगम पार्कों को और अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और हरियाली से भरपूर बनाने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रहा है। पार्कों में सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

नगर आयुक्त ने शहरवासियों से भी अपील की कि वे अपने घरों के आसपास स्थित पार्कों को स्वच्छ रखने में नगर निगम का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम उद्यान विभाग जहां शहर हित में पार्कों में घास लगाने, पौधारोपण करने और पार्कों को पूर्ण रूप से सुसज्जित करने का कार्य कर रहा है, वहीं नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे पार्कों में गंदगी न फैलाएं और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करें। उन्होंने यह भी कहा कि पार्कों की स्वच्छता और सुंदरता तभी बनी रह सकती है, जब नागरिक और नगर निगम मिलकर जिम्मेदारी निभाएं।

नगर आयुक्त ने लोगों से प्लास्टिक कचरा न फैलाने, बच्चों को पौधों को नुकसान न पहुंचाने और पार्कों में बनी सुविधाओं का सही उपयोग करने की अपील की। कुल मिलाकर नगर आयुक्त का यह औचक निरीक्षण नगर निगम की सक्रिय कार्यशैली और शहर को स्वच्छ, हरित और सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में गाजियाबाद के पार्क न केवल बेहतर रूप में नजर आएंगे, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे।