महिला सुरक्षा को प्राथमिकता, ADCP केशव कुमार चौधरी ने मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली का किया आकलन

• केंद्रों में नियमित जागरूकता अभियान और पीड़ित महिलाओं के लिए भरोसेमंद सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश
• मिशन शक्ति केंद्रों की समीक्षा करते हुए प्रभारियों को सख्त निर्देश और जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर
• अधिकारों की रक्षा के लिए अधिकारियों को दिए स्पष्ट और परिणामोन्मुखी निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिला सुरक्षा और महिला संबंधी अपराधों के प्रभावी रोकथाम को लेकर शनिवार को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) केशव कुमार चौधरी ने एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें थाना मोदीनगर, खोडा, निवाड़ी, कौशम्बी, टीला मोड़ और शीलामार गार्डन के मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभारियों ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य केवल महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना नहीं था, बल्कि केंद्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सुधार और बेहतर कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना था। गोष्ठी की शुरुआत से ही केशव कुमार चौधरी की कार्यशैली ने एक सक्रिय, परिणामोन्मुखी और अनुशासित अधिकारी की छवि प्रस्तुत की। उन्होंने मिशन शक्ति केंद्रों के रजिस्टर, दस्तावेज और अन्य अभिलेखों की खुद बारीकी से जांच की। केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए, उन्होंने केंद्रों में चल रही गतिविधियों, महिला सहायता की तत्परता और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया का वास्तविक स्तर पर मूल्यांकन किया। यह स्पष्ट संकेत था कि वे सिर्फ निर्देश देने वाले अधिकारी नहीं हैं, बल्कि अमल और कार्यक्षमता की निगरानी भी उतनी ही गंभीरता से करते हैं।

केशव कुमार चौधरी ने प्रभारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि मिशन शक्ति केंद्र केवल औपचारिक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए भरोसेमंद सहायता केंद्र बनने चाहिए। इसके लिए उन्होंने नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, महिला अपराधों की त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीडि़त महिलाओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उनके निर्देशों में प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदना का अनूठा संतुलन दिखाई दिया, जिसने प्रभारियों में जिम्मेदारी और जवाबदेही की भावना को और मजबूत किया। गोष्ठी में सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध सलोनी अग्रवाल भी उपस्थित रहीं। उन्होंने महिला अपराधों के मामलों में प्रभावी समन्वय, त्वरित निस्तारण और लगातार फॉलोअप की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।

इस मौके पर केशव कुमार चौधरी ने सभी अधिकारियों को यह संदेश दिया कि महिला सुरक्षा से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गोष्ठी का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू केंद्रों पर चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा था। केशव कुमार चौधरी ने प्रत्येक केंद्र के कामकाज, जनसंपर्क गतिविधियों और महिला सशक्तिकरण प्रयासों का विस्तार से आकलन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि केंद्रों पर महिलाओं को उनके अधिकार, शिकायत प्रक्रियाएं और सुरक्षा संसाधनों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि महिला समुदाय पूरी तरह जागरूक और सशक्त बन सके।
केशव कुमार चौधरी की यह कार्यशैली यह स्पष्ट रूप से दिखाती है कि वे केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय, परिणामोन्मुखी और महिलाओं के हित के लिए प्रतिबद्ध नेता हैं।

उनकी सक्रिय निगरानी और स्पष्ट निर्देशों ने मिशन शक्ति केंद्रों में कामकाज की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ अधिकारियों में जिम्मेदारी की भावना मजबूत की। कुल मिलाकर, इस गोष्ठी ने महिला सुरक्षा के क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की गंभीरता और प्रतिबद्धता को उजागर किया। केशव कुमार चौधरी की सक्रिय नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की प्रवृत्ति और वास्तविक कार्यक्षमता पर ध्यान देने की शैली ने यह संदेश दिया कि गाजियाबाद में महिला सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मिशन शक्ति केंद्र अब केवल मददगार संस्थान नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के मजबूत स्तंभ बनकर उभरेंगे।