-हटनी (मधुबनी) यात्रा पर बनी सहमति, बाढ़-सुखाड़ से जूझते किसानों की समस्याओं पर दिया सुझाव
उदय भूमि संवाददाता
पटना। बिहार के राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान से मंगलवार को पटना स्थित राजभवन में जनसेवक तरुण मिश्र ने विशेष मुलाकात की। इस दौरान न सिर्फ राज्यपाल महोदय की हटनी (मधुबनी) की प्रस्तावित यात्रा पर विस्तार से चर्चा हुई, बल्कि बिहार में आई बाढ़ और सुखाड़ की समस्या पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल महोदय का पहले ही हटनी (मधुबनी) दौरा तय हुआ था, लेकिन पहलगाम हमले की घटना और उसके बाद आई बाढ़ के कारण यह यात्रा स्थगित हो गई। इसके बाद 28 अगस्त को यात्रा प्रस्तावित थी, लेकिन बाढ़ की गंभीर स्थिति के चलते वह भी स्थगित करनी पड़ी। अब अक्टूबर माह में राज्यपाल महोदय का हटनी दौरा संभावित है। जनसेवक तरुण मिश्र ने बताया कि यात्रा की तारीख जल्द घोषित होगी और इस दौरान राज्यपाल महोदय उनके आवास पर भी पधारेंगे। मुलाकात के दौरान तरुण मिश्र ने किसानों की हालत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बिहार में बाढ़ और सुखाड़ की मार से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई और अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। वहीं सुखाड़ के कारण जिन इलाकों में बारिश नहीं हुई, वहां जलने से फसलें बर्बाद हो रही हैं।
तरुण मिश्र ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि किसानों के नुकसान का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसान ही बिहार की रीढ़ हैं और अगर उनकी रक्षा नहीं हुई तो राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। राज्यपाल ने किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बिहार के किसान हमारी आत्मा और राज्य की रीढ़ हैं। बाढ़ और सुखाड़ से उनकी फसलों का नुकसान होना अत्यंत दुखद है। सरकार और राजभवन किसानों की हर संभव मदद के लिए कटिबद्ध हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और मुआवजे की व्यवस्था प्राथमिकता पर होगी। हटनी की यात्रा मेरे लिए जनता से सीधे संवाद का अवसर होगी और मैं जनता की समस्याओं को करीब से समझना चाहता हूँ।
जनसेवक तरुण मिश्र ने मुलाकात के बाद कहा कि बिहार का किसान आज दोहरी मार झेल रहा है एक ओर बाढ़ ने उसकी मेहनत को बहा दिया है तो दूसरी ओर सुखाड़ ने खेतों को बंजर कर दिया है। मैंने राज्यपाल महोदय से आग्रह किया है कि किसानों की क्षति का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाए। मैं जनता का सेवक हूँ और जनता की हर आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुँचाना ही मेरा कर्तव्य है। राज्यपाल महोदय की संवेदनशीलता और कार्यशैली ने हमें उम्मीद दी है कि किसानों की समस्याओं का समाधान शीघ्र होगा।
जनसेवक के रूप में सक्रिय हैं तरुण मिश्र
तरुण मिश्र लंबे समय से जनहित और समाज सेवा से जुड़े मुद्दों को उच्च स्तर पर उठाते रहे हैं। चाहे वह शिक्षा की बात हो, किसानों की समस्याएं हों या आम नागरिकों की परेशानियां तरुण मिश्र हमेशा आगे बढ़कर समाधान की पहल करते हैं। यही कारण है कि उन्हें जनता का सच्चा प्रतिनिधि और जनसेवक कहा जाता है।
राज्यपाल की संवेदनशील और सक्रिय कार्यशैली
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की कार्यशैली को लेकर जनमानस में गहरी आस्था है। वे समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाते हैं। मुलाकात के दौरान भी राज्यपाल ने किसानों के दर्द को समझते हुए कहा कि किसानों की मदद के लिए राज्य सरकार और राजभवन हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी संवेदनशीलता और सक्रियता ने उन्हें एक जनप्रिय और कर्मठ प्रशासक के रूप में स्थापित किया है।
हटनी यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह
हटनी (मधुबनी) के लोग राज्यपाल की यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह दौरा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। राज्यपाल के आगमन से न केवल जनता को सीधा संवाद का अवसर मिलेगा, बल्कि विकास और समस्याओं के समाधान की दिशा में भी नए रास्ते खुलेंगे।
बाढ़-सुखाड़ पर बने ठोस समाधान की उम्मीद
जनसेवक तरुण मिश्र की सक्रियता और राज्यपाल की प्रतिबद्धता को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही किसानों के लिए राहत पैकेज और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। बिहार की जनता को भरोसा है कि यह मुलाकात किसानों के लिए नई राहत और आशा का संदेश लेकर आएगी।
















