-हरित शवदाह गृह संग शिव की धारा, हिंडन घाट बनेगा पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की दूरदर्शिता से पर्यावरण संरक्षण और परंपरा का अनूठा संगम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। हिंडन नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट अब एक नए रूप में नजर आएगा। नगर निगम द्वारा कराए जा रहे सौंदर्यकरण और आधुनिकीकरण कार्य से यह घाट प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लिए एक आदर्श मोक्षस्थल के रूप में स्थापित होगा। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की सक्रियता और दूरदर्शिता का परिणाम है कि परंपराओं का सम्मान बरकरार रखते हुए यहाँ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिंडन श्मशान घाट पर बनाए गए हरित शवदाह गृह का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और सितंबर माह से इसका शुभारंभ किया जाएगा। इसमें दो सीएनजी और एक विशेष लकड़ी आधारित संयंत्र लगाए गए हैं। लकड़ी वाले संयंत्र में खासतौर से गाय के गोबर से बनी लकडिय़ों का इस्तेमाल होगा। नगर आयुक्त का कहना है कि हमारी कोशिश है कि अंतिम संस्कार की परंपराओं का पालन भी हो और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे। गाजियाबाद नगर निगम हरित क्रांति की दिशा में यह कदम उठाकर आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी तक एक शवदाह में 400 से 500 किलो लकड़ी की खपत होती थी, लेकिन आधुनिक तकनीक से अब केवल 80 से 100 किलो लकड़ी में ही संस्कार संभव होगा। इससे न केवल सैकड़ों पेड़ों की कटाई रुकेगी, बल्कि वायु प्रदूषण भी घटेगा।
सीएनजी आधारित संयंत्रों से दाह संस्कार में ढाई से तीन किलो तक ही राख बचेगी, जिससे नदियों पर भी दबाव नहीं पड़ेगा। नगर आयुक्त की सक्रियता से गाजियाबाद नगर निगम लगातार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहा है। उनके नेतृत्व में शहर में न केवल विकास हो रहा है बल्कि धार्मिक स्थलों पर भी स्वच्छता, सौंदर्यकरण और आधुनिकता का संतुलन स्थापित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर आयुक्त की कार्यशैली बेहद सराहनीय है। उनकी सोच सिर्फ आज के लिए नहीं बल्कि आने वाले समय के लिए है। हिंडन श्मशान घाट का कायाकल्प गाजियाबाद के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगा। मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि प्रकाश, उद्यान, जलकल और स्वास्थ्य विभाग मिलकर घाट पर लगातार कार्य कर रहे हैं। ग्रीन रेवोल्यूशन फाउंडेशन की मदद से हरित शवदाह गृह का निर्माण किया गया है। यहां पर आने वाले लोग अब यह महसूस करेंगे कि धार्मिक आस्था, आधुनिक सुविधा और पर्यावरण संरक्षण एक साथ संभव है।
शिव की जटा से बहेगा पवित्र जल
घाट परिसर में स्थापित शिवजी की भव्य प्रतिमा यहाँ आने वालों के लिए आस्था का केंद्र बनेगी। प्रतिमा की जटा से निकलने वाले पवित्र जल से शव का अंतिम स्नान कराया जाएगा। यह परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम होगा, जो गाजियाबाद को एक नई पहचान देगा।
सुविधाओं से सजेगा मोक्षस्थल
श्रद्धालुओं और परिजनों के लिए घाट परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। साथ ही 40 से अधिक प्लेटफार्म की मरम्मत कर उन्हें व्यवस्थित किया जा रहा है। निर्माण विभाग ने यहाँ आधुनिक एंट्री गेट और कार्यालय भी बनाया है। मोक्ष स्थल पर शिवजी की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जिनकी जटा से निकलने वाले पवित्र जल से शव का अंतिम स्नान कराया जाएगा। यह दृश्य श्मशान घाट को धार्मिक आस्था और दिव्यता से भर देगा।

नगर आयुक्त
गाजियाबाद नगर निगम का लक्ष्य सिर्फ सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए पर्यावरण सुरक्षित करना भी है। हिंडन श्मशान घाट पर लगाए जा रहे आधुनिक दाह संस्कार संयंत्रों से लकड़ी की खपत बेहद कम होगी और पेड़ों को बचाया जा सकेगा। इसके साथ ही गैस एवं गोबर की लकडिय़ों से दाह संस्कार की प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल होगी। हमें विश्वास है कि यह मोक्षस्थल पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण बनेगा।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
नगर निगम गाजियाबाद।

मुख्य अभियंता
हिंडन श्मशान घाट पर लगातार मरम्मत और सौंदर्यकरण का कार्य जारी है। यहां पर एंट्री गेट, कार्यालय, प्रकाश व्यवस्था और उद्यान भी तैयार किया गया है। शिव की भव्य प्रतिमा भी स्थापित की गई है जिनकी जटा से बहने वाले जल से शव का अंतिम स्नान कराया जाएगा। हमारा प्रयास है कि यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को न सिर्फ धार्मिक आस्था का अनुभव हो बल्कि स्वच्छ और सुव्यवस्थित माहौल भी मिले।
नरेंद्र कुमार चौधरी
मुख्य अभियंता निर्माण
नगर निगम गाजियाबाद।

















