विकास और पारदर्शिता से ही लौटेगा जनता का विश्वास : मनीष असीजा

-उत्तर प्रदेश विधान मंडल की निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की गई जांच
-गाजियाबाद में विधान मंडल समिति की बैठक, विकास कार्यों की मिली सराहना

उदय भूमि संवाददाता
गाजि़याबाद। उत्तर प्रदेश विधान मंडल की स्थानीय निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदन की जांच संबंधी समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को विकास भवन के दुर्गावती देवी सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति मनीष असीजा ने की। विकास भवन पहुंचने पर सभापति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। बैठक को संबोधित करते हुए मनीष असीजा ने कहा कि जनता टैक्स के रूप में सरकार को जो धन देती है, उसी धन को योजनाओं और परियोजनाओं के माध्यम से जनता के कल्याण पर खर्च किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता का पैसा जनता को लौटाया जाता है और लोक कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रुकावट स्वीकार्य नहीं है और विभागों को प्राप्त धन का पारदर्शी और समय पर उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। गाजियाबाद में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की उन्होंने प्रशंसा की और कहा कि इससे जिले में विकास कार्यों को गति मिली है।

बैठक में समिति के सदस्य सरिता भदौरिया, डॉ. डी.सी. वर्मा, गुरु प्रसाद मौर्य, गौरव कुमार, विनोद चतुर्वेदी, संग्राम सिंह और किरत सिंह मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, सीडीओ अभिनव गोपाल, जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह समेत अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने समिति के समक्ष नगर निगम की उपलब्धियों और योजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त अभियान, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन, गाय के गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण, शिकायत निस्तारण और गाजियाबाद 311 ऐप जैसी पहल को गिनाया। साथ ही उन्होंने बताया कि शहर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए आईटीएमएस योजना के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, कूड़ा निस्तारण की नई व्यवस्था बनाई गई है और विद्यार्थियों में पर्यावरण जागरूकता के लिए पुस्तकालय बनाए जा रहे हैं। गाजियाबाद में हुई यह बैठक इस बात का स्पष्ट संदेश देती है कि सरकार जनता के धन के उपयोग को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सभापति मनीष असीजा का यह कथन कि जनता का पैसा जनता को लौटाया जाता है न केवल शासन की कार्यशैली को परिभाषित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि लोक कल्याण ही सरकार का वास्तविक धर्म है।

नगर निगम के कार्यों की प्रस्तुति, मिली प्रशंसा
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगर निगम गाजियाबाद द्वारा किए गए कार्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि शहर ने स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्लास्टिक मुक्त गाजियाबाद के लिए अभिनव प्रयास किए गए हैं, ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं, गाय के गोबर से प्राकृतिक पेंट तैयार किया जा रहा है, जनशिकायत निस्तारण के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया गया है, सुरक्षा की दृष्टि से कैमरे लगाए गए हैं और विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष पुस्तक भी प्रकाशित की गई है। निगम के इन प्रयासों की समिति ने सराहना की।

जीडीए हुआ कर्जमुक्त, नई योजनाओं से बढ़ा रुतबा
बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने भी जीडीए की कार्यप्रणाली और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करोड़ों का कर्ज होने के बावजूद वित्तीय वर्ष 2025 में जीडीए पूरी तरह कर्जमुक्त हो गया है। साथ ही हरनंदीपुरम आवासीय टाउनशिप, नॉर्दर्न पेरिफेरल परियोजना, मधुबन-बापूधाम में बुनकर मार्ट एक्सपो व कन्वेंशन सेंटर, जीडीए का नया कार्यालय भवन, पार्कों का सौंदर्यीकरण और रामायण थीम पार्क जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है।

अन्य विभागों की भी प्रस्तुतियाँ
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी समिति के सामने रखी। जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन, श्रम, उद्योग, शिक्षा, विद्युत, सिंचाई और पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट दी। बैठक के अंत में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने समिति के सभापति, सदस्यों और सभी गणमान्य अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।