-आवंटियों को मिला त्वरित न्याय, इंद्रप्रस्थ योजना में लगेगा विशेष कैंप, अधिकारियों को मिली फटकार
उदय भूमि संवाददाता
गाजि़याबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अब आवंटियों की शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए रेरा समाधान दिवस की शुरुआत की है। इस अभिनव पहल का पहला आयोजन गुरुवार को जीडीए सभागार में किया गया, जिसकी अध्यक्षता जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने की। इस दौरान सभागार शिकायतकर्ताओं से खचाखच भरा रहा। हर आवंटी अपने हक की उम्मीद लिए पहुंचा और उपाध्यक्ष ने उनकी समस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना बल्कि मौके पर ही दो मामलों का निस्तारण भी कराया। रेरा समाधान दिवस में पहले ही दिन कुल 20 शिकायतें सामने आईं। इनमें से 2 मामलों का तुरंत निस्तारण कर दिया गया। जबकि 15 मामलों को तय समय सीमा में निपटाने का आश्वासन दिया गया। यह देखकर कई आवंटियों ने राहत की सांस ली और भरोसा जताया कि अब जीडीए उनकी समस्याओं को गंभीरता से देख रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने ऐलान किया कि अब इंद्रप्रस्थ योजना में विशेष समाधान शिविर (कैंप) आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आवंटियों की समस्याओं को मौके पर ही सुना और निस्तारित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कैंप से आवंटियों और प्राधिकरण के बीच प्रत्यक्ष संवाद बढ़ेगा। इससे शिकायतों का त्वरित समाधान होगा और विश्वास की नई नींव रखी जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं से जुड़े आवंटियों का व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया जाए, ताकि लगातार संवाद बना रहे और छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें। सुनवाई के दौरान कई आवंटियों ने भरोसा जताया कि यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान कर दिया जाए तो वे रेरा में लंबित केस वापस लेने के लिए तैयार हैं। राजेंद्र सिंह, खुशबू सिंघल और ऋचा सिंघल (चंद्रशिला अपार्टमेंट) ने कहा कि यदि उन्हें आरसी भुगतान मिल जाता है तो वे केस समाप्त कर देंगे।
पंकज गोयल ने कब्जा न मिलने की शिकायत की थी, लेकिन अब आश्वासन मिलने पर उन्होंने केस वापस लेने की सहमति दी। जयवीर सिंह (मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना) ने कहा कि यदि उन्हें मकान पर कब्जा और रजिस्ट्री समय पर मिल जाती है तो वे भी रेरा का केस वापस कर देंगे। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का यह कदम न केवल आवंटियों के लिए राहत की पहल है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि प्रशासन अब लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनने और हल करने के लिए गंभीर है। रेरा समाधान दिवस से आवंटियों के बीच नई उम्मीद जगी है कि अब उनके सपनों का घर और उससे जुड़ी परेशानियाँ जल्द ही हकीकत में बदलेंगी।
उपाध्यक्ष अतुल वत्स की सख्ती
उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने सुनवाई के दौरान अधीनस्थ अधिकारियों से सख्त लहजे में पूछा कि शिकायतें समय पर क्यों नहीं निपटाई जातीं? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आवंटियों को मूलभूत सुविधाएं और उनका हक समय पर दिया जाए। यदि ऐसा होता तो किसी को रेरा में केस करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि अगले रेरा समाधान दिवस से पहले सभी लंबित मामलों का निस्तारण कर दिया जाए, अन्यथा जिम्मेदारी तय होगी।
हर माह होगा आयोजन- आवंटियों को न्याय की गारंटी
जीडीए सभागार में रेरा समाधान दिवस का आयोजन अब हर महीने के तीसरे गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक नियमित रूप से किया जाएगा। इस नई पहल से उन हजारों आवंटियों को उम्मीद बंधी है, जो वर्षों से लंबित समस्याओं से परेशान हैं। सुनवाई के बाद कई आवंटियों ने कहा कि यह पहल जीडीए के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी। एक शिकायतकर्ता ने कहा कि पहले हमारी सुनवाई तक नहीं होती थी, लेकिन आज उपाध्यक्ष ने हमें पूरा समय दिया। अब लगता है कि हमारी समस्याओं का समाधान सचमुच होगा।

















