-एडीएम सिटी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कमेटी संग की बैठक
-1107 नमूनों की जांच, 51.7 प्रतिशत पाए गए अवमानक
-शुद्धता के लिए व्यापारी संगठनों से सहयोग की अपील
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में एडीएम सिटी गंभीर सिंह ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय कमेटी के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि आमजन को साफ-सुथरे और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें। बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय ने विभाग की अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी। बताया गया कि 1107 खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित किए गए, जिनमें से 51.7त्न नमूने अवमानक पाए गए। इन मामलों में 458 प्रकरणों में न्यायालय में वाद दायर किए गए, जिसमें न्याय निर्णायक अधिकारी ने 3.62 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया।
एक व्यक्ति को जेल, 1 लाख का दंड
इसके अलावा न्यायिक न्यायालय द्वारा एक व्यक्ति को कारावास की सजा सुनाई गई और 1 लाख रुपये का दंड लगाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने त्योहारों से पहले मिलावटखोरी पर नकेल कसने का निर्णय लिया है। एडीएम सिटी ने स्ट्रीट फूड वेंडर्स के उन्नयन के लिए नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक से सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साहिबाबाद मंडी सचिव सुनील कुमार शर्मा को फ्रेश फ्रूट और सब्जी मार्केट के प्रमाणीकरण में सहयोग करना होगा। सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय ने बताया कि नवरात्र में कुट्टू के आटे की बढ़ती मांग को देखते हुए व्यापारी संगठनों से ताजा कुट्टू का आटा बेचने की अपील की गई है। यदि पुराना कुट्टू का आटा भंडारित है, तो उसे तत्काल नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव को विद्यालयों में मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय को आंगनबाड़ी केंद्रों के मुफ्त पंजीकरण के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण की वेबसाइट पर आवेदन करने को कहा गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन खाद्य कारोबारियों की वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें पंजीकरण से लाइसेंस में परिवर्तन करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाइसेंस और पंजीकरण में वृद्धि के निर्देश भी दिए गए। व्यापारी संगठनों ने ऑनलाइन बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों और औषधियों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी और मिलावटखोरी पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। त्योहारी सीजन में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लगातार छापेमारी व सैंपलिंग अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में खाद्य विभाग, उपभोक्ता प्रतिनिधि, उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी, औषधि विक्रेता संघ, सहायक आयुक्त खाद्य गे्रड-द्वितीय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, औषधि निरीक्षक एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी,व्यापार मंडल के प्रतिनिधि सुशील अरोड़ा,संदीप बंसल, प्रवीन मित्तल, केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी, राजीव त्यागी आदि मौजूद रहे।
















