पर्यावरण संरक्षण की कमान रजनीश कुमार गर्ग के हाथ, गाजियाबाद को हरित बनाने का संकल्प

-पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग ने तीन वर्ष के लिए सौंपी जिला प्रमुख अधिकारी की जिम्मेदारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद/नई दिल्ली। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग द्वारा रजनीश कुमार गर्ग को गाजियाबाद का जिला प्रमुख अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने 9 जनवरी (शुक्रवार) को औपचारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। यह नियुक्ति आयोग की नियमावली वर्ष 2025 की धारा 22(क) के अंतर्गत माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश गर्ग की स्वीकृति से की गई है। श्री गर्ग का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा, जो 9 जनवरी 2026 से 8 जनवरी 2029 तक प्रभावी रहेगा। कार्यभार संभालते ही रजनीश कुमार गर्ग ने गाजियाबाद को पर्यावरणीय रूप से सशक्त और स्वच्छ बनाने के अपने संकल्प को स्पष्ट किया। उन्होंने ‘हरित गाजियाबाद, स्वच्छ गाजियाबाद’ अभियान शुरू करने की घोषणा की, जिसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा।

इसके साथ ही हरित पट्टियों का विकास, खुले स्थानों का संरक्षण और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार, जलवायु संतुलन को मजबूत करना और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देना है। जिला प्रमुख अधिकारी के रूप में श्री गर्ग पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़ी सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्यावरणीय पहलों को धरातल पर उतारने का कार्य करेंगे। आयोग का मानना है कि उनके नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को नई दिशा और गति मिलेगी।

श्री गर्ग ने कहा कि गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सामूहिक प्रयासों से इसे अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे वृक्षारोपण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग ने विश्वास व्यक्त किया है कि रजनीश कुमार गर्ग के नेतृत्व में गाजियाबाद पर्यावरणीय प्रशासन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा। स्वच्छता, हरित विकास और सतत भविष्य की दिशा में जिले के प्रयास अन्य जनपदों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होंगे।