-बीते वर्ष रिकॉर्डतोड़ 3.55 लाख पासपोर्ट जारी, सभी आवेदकों के लिए पारदर्शी प्रक्रिया
-सुलभ वर्कफ्लो और वॉक-इन सुविधा से आवेदकों को समय पर सेवा
-जागरूकता अभियान, मोबाइल वैन और शिकायत निवारण तंत्र से जनता का विश्वास बढ़ाया
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। हापुड़ चुंगी सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने बीते वर्ष 2025 में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आईएफएस) अनुज स्वरुप के नेतृत्व में कार्यालय ने पिछले वर्ष कुल 3,55,094 पासपोर्ट और 11,308 पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) निर्गत किए। यह संख्या रिकॉर्डतोड़ है और कार्यालय की दक्षता तथा अनुज स्वरुप की जनता के प्रति समर्पित कार्यशैली का प्रमाण है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आईएफएस) अनुज स्वरुप ने बीते वर्ष-2025 की उपलब्धियों से रूबरू कराते हुए बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में मेरठ और नोएडा में पासपोर्ट केंद्र खोले जाएंगे और इनमें काउंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि आवेदकों को लंबी प्रतीक्षा से राहत मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यालय का उद्देश्य केवल पासपोर्ट निर्गमन नहीं बल्कि आवेदकों को तेज, पारदर्शी और सुलभ सेवा प्रदान करना है।
उन्होंने कहा हमारे लिए हर आवेदक महत्वपूर्ण है। किसी भी दस्तावेज में कमी होने पर आवेदक को लिखित में सूचित किया जाता है, ताकि वह समय पर सुधार कर सके। हमारा उद्देश्य आवेदकों को बिना परेशानी के पासपोर्ट उपलब्ध कराना है। अनुज स्वरुप की कार्यशैली ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद, पारदर्शी और सुलभ संस्था के रूप में स्थापित किया है। वॉक-इन सुविधा, लोक अदालत, मोबाइल वैन, जागरूकता अभियान और शिकायत निवारण तंत्र जैसी पहलें इस कार्यालय की दक्षता और जनता के प्रति जवाबदेही को दर्शाती हैं। उनकी सक्रिय और समर्पित कार्यशैली ने न केवल बीते वर्ष की रिकॉर्ड उपलब्धियों को संभव बनाया, बल्कि आने वाले वर्षों में भी आवेदकों के लिए समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवा की गारंटी दी है। प्रेसवार्ता के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरुप ने ओएसडी कौशल कुमार, उमेश प्रसाद, उत्कर्ष मिश्रा मौजूद रहे।
जन-सुलभ कार्यशैली और वॉक-इन सुविधा
अनुज स्वरुप की कार्यशैली का सबसे बड़ा उदाहरण वॉक-इन सुविधा है। कार्यालय में सोमवार से गुरुवार तक सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आवेदक बिना ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के लंबित फाइलें निस्तारित कर सकते हैं। इसके अलावा वर्ष 2025 में 33 शनिवारों को अतिरिक्त कार्यदिवस खोले गए, ताकि आवेदकों को समय पर पासपोर्ट और पीसीसी मिल सके। अनुज स्वरुप स्वयं आवेदकों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश देते हैं। यदि कोई आवेदक दोबारा उसी शिकायत के साथ आता है, तो इसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने कार्यालय में ‘लोक अदालत’ का विशेष आयोजन कर सीधे आवेदकों की शिकायतों का समाधान किया, जिससे जनता में कार्यालय के प्रति विश्वास और बढ़ा।
मोबाइल वैन और जागरूकता अभियान
अनुज स्वरुप ने बताया कि पासपोर्ट सेवा आपके द्वार’ योजना के तहत 14 सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में मोबाइल वैन तैनात की गई है। इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके माध्यम से आवेदकों को पासपोर्ट सेवाओं तक सीधे पहुँचने का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा कार्यालय में विशेष शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया गया है, जिसमें ई-मेल आईडी और हेल्पलाइन नंबर-0120-2700320 के माध्यम से आवेदकों की समस्याओं का समाधान किया जाता है। कार्यालय की आधिकारिक एक्स प्लेटफॉर्म से भी आवेदकों को लगातार जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। ट्राइफेड के सहयोग से पासपोर्ट सेवा केंद्र में विशेष स्टॉल की स्थापना की गई, जिसमें प्रामाणिक जनजातीय उत्पाद आम जनता को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल आवेदकों को अतिरिक्त सुविधा मिल रही है बल्कि स्थानीय कारीगरों को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिल रही है।
विशेष पहल और नवाचार
अनुज स्वरुप ने बताया कि कार्यालय ने पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम वर्जन 2.0 लागू किया है, जिससे पासपोर्ट निर्गमन प्रणाली में सुधार हुआ और ई-पासपोर्ट जारी करना अधिक आसान हो गया। पीसीसी एप्वॉइंटमेंट की संख्या दोगुनी कर दी गई है, जिससे आवेदकों को सुविधा मिली है। लंबित मामलों के निस्तारण के लिए वॉक-इन सुविधा को और सुदृढ़ किया गया। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधीन 13 जिलों में संचालित डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों में विशेष सुविधा प्रदान करने के लिए पासपोर्ट मेले आयोजित किए गए। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक किया गया और उन्हें पासपोर्ट प्रक्रिया के बारे में आवश्यक जानकारी दी गई।
















