रामपुर में ‘हिम्मत’ का हल्ला बोल: आबकारी अधिकारी ने अवैध शराब और ओवर रेटिंग पर कसा शिकंजा

-टेस्ट परचेज से लेकर सीसीटीवी फुटेज तक की जा रही जांच, एक रुपये भी ज्यादा वसूली पर विक्रेताओं की खैर नहीं- जेल और लाइसेंस रद्द की चेतावनी

उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। प्रदेश के राजस्व में अहम योगदान देने वाले जनपद रामपुर में अब अवैध शराब के कारोबार और शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग जैसी गड़बडिय़ों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया है। जिले के आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने जिम्मेदारी संभालते ही अपनी ‘हिम्मत के नाम को सार्थक करते हुए पूरे जिले में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। नई आबकारी नीति के तहत 1 अप्रैल से शुरू हुई शराब की दुकानों पर बिक्री की निगरानी और नियमों के पालन की जांच स्वयं आबकारी अधिकारी द्वारा की जा रही है।
हिम्मत सिंह न केवल दुकान-दुकान जाकर निरीक्षण कर रहे हैं, बल्कि गोपनीय रूप से ‘टेस्ट परचेजिंग करते हुए यह भी परख रहे हैं कि कहीं किसी ग्राहक से ओवर रेटिंग तो नहीं की जा रही है। उन्होंने दुकानदारों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी ग्राहक से निर्धारित मूल्य से एक रुपये भी अधिक वसूली की गई तो संबंधित विक्रेता को जेल भेजा जाएगा और उस दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।

शराब दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा है या नहीं, रेट लिस्ट पर आबकारी अधिकारी का नंबर अंकित है या नहीं, दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू हैं या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जांच खुद आबकारी अधिकारी कर रहे हैं। उन्होंने दुकानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले और विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का पालन नहीं करने पर अब कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में अवैध शराब के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया गया है। आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक अरविंद कुमार मिश्रा, नंदिनी यादव, नीरज सिंह, संजय कुमार, राम आधार पाल और अनुपम सिंह ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध शराब के ठिकानों पर दबिशें तेज कर दी हैं। पूरी टीम जिले की सुरक्षा और शराब व्यापार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी से कार्यरत है। गुरुवार को की गई छापेमारी और जांच अभियान ने जिले भर में शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है।

यह पहली बार है जब टेस्ट परचेजिंग के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज का भी उपयोग जांच प्रक्रिया में किया जा रहा है। हिम्मत सिंह ने अपने निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वह अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण करें और गुप्त रूप से ग्राहक बनकर शराब की दुकानों से खरीदारी करते हुए पूरी रिपोर्ट तैयार करें। रामपुर जनपद में आबकारी विभाग की यह मुहिम न केवल सरकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास है, बल्कि यह अवैध व्यापार पर नकेल कसने और जनता को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है। हिम्मत सिंह की अगुवाई में अब यह साफ हो गया है कि रामपुर में शराब की दुकानें अब मनमानी नहीं कर सकेंगी और अवैध धंधे करने वालों के दिन गिने जा चुके हैं।