गाजियाबाद पुलिस को मिला नया मुखिया, जे. रविंदर गौड़ ने संभाली कमान

-भ्रष्टाचार पर सख्त रवैया, जनता की सुनवाई होगी पहली प्राथमिकता

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगाने का संदेश देते हुए गाजियाबाद के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया। पुलिस लाइन ऑफिस में जब वह पहुंचे, तो स्वागत में पूरे पुलिस प्रशासन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कल्पना सक्सेना, डीसीपी सिटी राजेश कुमार, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर शुभकामनाएं दीं। तेज-तर्रार और सख्त मिजाज के लिए पहचाने जाने वाले वर्ष 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी जे. रविंदर गौड़ ने बतौर दूसरे पुलिस कमिश्नर चार्ज संभालते ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उन्होंने दो टूक कहा कि गाजियाबाद में अब अपराधियों और भ्रष्ट अफसरों के लिए कोई जगह नहीं होगी। उनकी नीतियों में जीरो टॉलरेंस फॉर करप्शन सबसे ऊपर है।

पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण बैठक भी की, जिसमें सभी उच्च अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब जिले में कानून-व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं होगा। नवनियुक्त कमिश्नर ने बताया कि थानों से लेकर डीसीपी और एसीपी ऑफिस तक हर जगह सुबह 10 बजे से जनसुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की पहली जिम्मेदारी जनता की बात सुनना और उसे प्राथमिकता देना है। अगर किसी शिकायतकर्ता की बात अनसुनी की गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी। गौड़ ने भ्रष्टाचार को पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी बीमारी बताते हुए कहा कि यदि कहीं से भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो वहां जांच नहीं, सीधे निलंबन की कार्यवाही की जाएगी। उनका यह बयान गाजियाबाद पुलिस महकमे के लिए सीधी चेतावनी मानी जा रही है, जहां हाल के समय में कई भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं।

मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले जे. रविंदर गौड़ को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बेहद भरोसेमंद अफसर माना जाता है। वह गोरखपुर, मेरठ, लखनऊ, मुरादाबाद और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आगरा में बतौर पुलिस कमिश्नर उनके कार्यकाल की खूब सराहना हुई थी, जहां उन्होंने चर्चित जगदीशपुरा कांड में निष्पक्ष जांच करवा कर दोषियों को जेल भिजवाया था। इसके अलावा, थानों को आईएसओ सर्टिफाइड बनाना और साक्ष्य आधारित जांच प्रणाली लागू कर पुलिसिंग में नवाचार की दिशा में नए मानक स्थापित किए। गाजियाबाद में उनका आगमन केवल एक नई नियुक्ति नहीं, बल्कि पुलिसिंग के एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की भागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ की अगुवाई में गाजियाबाद पुलिस कितनी तेजी से अपनी छवि सुधारने में सफल होती है।