-दमकल कर्मियों का बलिदान सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की अमर मिसाल: केशव कुमार चौधरी
-वैशाली फायर स्टेशन पर स्मृति परेड, 1944 मुंबई अग्निकांड के 66 वीरों को श्रद्धांजलि
-अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत, शहरभर में निकाली गई जागरूकता रैली
-आधुनिक अग्निशमन उपकरणों की प्रदर्शनी में छात्रों और संस्थानों ने लिया सुरक्षा प्रशिक्षण
-सतर्क नागरिक ही सुरक्षित शहर की पहचान-नियमों के पालन पर अधिकारियों का जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। 14 अप्रैल 1944 को मुंबई बंदरगाह पर हुए भीषण अग्निकांड में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 66 अग्निशमन कर्मियों की स्मृति में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस के अवसर पर मंगलवार को फायर स्टेशन वैशाली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्मृति दिवस परेड के दौरान दिवंगत अग्निशमन कर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिकों को पिन फ्लैग लगाकर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्मृति दिवस केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं बल्कि नागरिकों को आग से बचाव और सुरक्षा के प्रति सजग करने का संकल्प दिवस भी है। अग्निशमन सेवा सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जनजागरूकता अभियान की शुरुआत फायर स्टेशन वैशाली से अग्निशमन वाहनों की रैली निकालकर की गई। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय कमिश्नरेट गाजियाबाद केशव कुमार चौधरी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह रैली वैशाली फायर स्टेशन से प्रारंभ होकर डाबर तिराहा, मोहननगर, मेरठ तिराहा, हापुड़ मोड़ कचहरी, हापुड़ चुंगी, पुराना बस अड्डा, संजयनगर तथा राजनगर एक्सटेंशन सहित शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए नागरिकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी। रैली के माध्यम से लोगों को आग लगने की स्थिति में त्वरित सूचना देने, सुरक्षा उपाय अपनाने तथा बचाव के सही तरीकों की जानकारी दी जा रही है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय केशव कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि अग्निशमन कर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी अपने जीवन की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि 1944 के मुंबई अग्निकांड में शहीद हुए दमकल कर्मियों का बलिदान हमें कर्तव्यनिष्ठा, साहस और सेवा भावना का संदेश देता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करें, भवनों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित करें तथा आपात स्थिति में तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने कहा कि अग्निशमन सेवा सप्ताह का उद्देश्य केवल औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में सुरक्षा संस्कृति विकसित करना है। उन्होंने बताया कि अधिकांश अग्निकांड लापरवाही के कारण होते हैं, जिन्हें थोड़ी सावधानी और जागरूकता से रोका जा सकता है। उन्होंने संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों से नियमित सुरक्षा जांच, अग्निशमन उपकरणों के रखरखाव और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।
आधुनिक अग्निशमन उपकरणों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान फायर स्टेशन वैशाली परिसर में आधुनिक अग्निशमन एवं रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, होटल, अस्पताल एवं अन्य प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मचारियों ने भाग लेकर अग्निशमन उपकरणों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा और विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के माध्यम से आगजनी की घटनाओं में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बच्चों और संस्थानों के प्रतिनिधियों को अग्नि सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया गया, जिससे आपात स्थिति में घबराहट के बजाय सही निर्णय लिया जा सके।
एक सप्ताह चलेगा सुरक्षा अभियान, शहरभर में होंगी मॉक ड्रिल
अग्निशमन विभाग गाजियाबाद द्वारा 14 अप्रैल से प्रारंभ हुए अग्निशमन सेवा सुरक्षा सप्ताह के दौरान पूरे शहर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बहुखंडीय भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, स्कूलों, होटलों एवं अस्पतालों में लगातार मॉक ड्रिल आयोजित कर आग से बचाव, सुरक्षित निकासी (इवेक्यूएशन) और आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम नागरिकों को आपदा के समय आत्मरक्षा एवं सामूहिक सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित करना है। कार्यक्रम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल, अग्निशमन अधिकारी कोतवाली शेष नाथ यादव, प्रभारी अधिकारी फायर स्टेशन वैशाली मूलचंद सिंह, प्रभारी अधिकारी फायर स्टेशन साहिबाबाद गगन कुमार सहित पत्रकार बंधु, विभिन्न स्कूलों, होटलों, अस्पतालों एवं प्रतिष्ठानों से आए गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल शहीद अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि शहरवासियों को सुरक्षा, सतर्कता और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।


















