संजीव शर्मा को BJP का टिकट, अतुल गर्ग का मिला साथ जनरल को दी मात, भाजपा ने उपचुनाव के लिए 7 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की 

पार्टी के कुछ लोग यह मान रहे थे कि लोकसभा चुनाव में अतुल गर्ग ने जिस तरह से जनरल बीके सिंह को जोर का झटका दिया था, उसकी भरपाई के लिए विधानसभा उपचुनाव में जनरल की बेटी मृणालिनी को टिकट दिया जा सकता है। संजीव शर्मा अतुल गर्ग के खासम-खास हैं। सांसद बनने से पूर्व अतुल गर्ग गाजियाबाद विधानसभा से विधायक थे। ऐसे में संजीव शर्मा को गाजियाबाद विधानसभा से अपना उत्तराधिकारी बनाने के लिए अतुल गर्ग ने कड़ी मेहनत की। गाजियाबाद बीजेपी का अति सुरक्षित सीट है। ऐसे में यहां पर प्रत्याशी के जीतने की संभावना भी सबसे अधिक है। इस लिहाज से देखें तो अतुल गर्ग गाजियाबाद की राजनीति में संजीव शर्मा के माध्यम से पूरी तरह से अपना सिक्का जमाने में लगे हैं। अतुल गर्ग खेमे की मंसा है कि जनरल खेमा पूरी तरह से गाजियाबाद की राजनीति से आउट हो जाए।

विजय मिश्र (उदय भूमि)
गाजियाबाद। UP विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी के लिए अति सुरक्षित माने जाने वाले गाजियाबाद विधानसभा सीट से महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा को चुनावी मैदान में उतर गया है। पिछले कई दिनों से लोग प्रत्याशियों के नामों को लेकर चर्चा कर रहे थे। गाजियाबाद से तीन-चार नाम प्रमुख दावेदारों में थे। इन नामों में संजीव शर्मा के अलावा मयंक गोयल, अशोक मोगा और जनरल बीके सिंह की बेटी मृणालिनी सिंह के नाम पर लोगों के बीच बहस चल रही थी। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से जनरल बीके सिंह और उनके खेमे की सक्रियता बढ़ी थी और जनरल स्वयं गाजियाबाद में कैंप कर रहे थे। ऐसे में पार्टी के कुछ लोग यह मान रहे थे कि लोकसभा चुनाव में अतुल गर्ग ने जिस तरह से जनरल बीके सिंह को जोर का झटका दिया था, उसकी भरपाई के लिए विधानसभा उपचुनाव में जनरल की बेटी मृणालिनी को टिकट दिया जा सकता है। संजीव शर्मा अतुल गर्ग के खासम-खास हैं। सांसद बनने से पूर्व अतुल गर्ग गाजियाबाद विधानसभा से विधायक थे। ऐसे में संजीव शर्मा को गाजियाबाद विधानसभा से अपना उत्तराधिकारी बनाने के लिए अतुल गर्ग ने कड़ी मेहनत की। गाजियाबाद बीजेपी का अति सुरक्षित सीट है। ऐसे में यहां पर प्रत्याशी के जीतने की संभावना भी सबसे अधिक है। इस लिहाज से देखें तो अतुल गर्ग गाजियाबाद की राजनीति में संजीव शर्मा के माध्यम से पूरी तरह से अपना सिक्का जमाने में लगे हैं। अतुल गर्ग खेमे की मंसा है कि जनरल खेमा पूरी तरह से गाजियाबाद की राजनीति से आउट हो जाए।

विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने प्रदेश के 7 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। गाजियाबाद से महानगर बीजेपी अध्यक्ष संजीव शर्मा को टिकट दिया गया है। जबकि करहल सीट से अनुजेश यादव चुनाव लड़ेंगे। कानपुर की सीसामाउ सीट पर अभी मंथन जारी है और यहां से प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मीरापुर सीट राष्ट्रीय लोक दल के खाते मे जाने की संभावना है। ऐसे में यहां पर आरएलडी द्वारा प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया जाएगा। भाजपा ने कुंदरकी से रामवीर सिंह ठाकुर, खैर (अजा) सीट से सुरेंद्र दिलेर, करहल अनुजेश यादव, फूलपुर से दीपक पटेल , कटेहरी धर्मराज निषाद और मझवा विधानसभा सीट से सुचिस्मिता मौर्या को टिकट दिया है।

भाजपा ने टिकट वितरण में अन्य पार्टियों से आए लोगों को भी दरजीह दी है। धर्मराज निषाद बसपाई मूल से हैं और वह 3 बार बसपा से विधायक और बसपा सरकार में मंत्री भी रहे हैं। 2022 से पहले बीजेपी में आए, चुनाव लड़े और हार गए। बीजेपी ने इन्हें फिर मौका दिया है. वहीं मझवा से सुचिस्मता मौर्य, बीजेपी से विधायक रही हैं। 2022 में सीट निषाद पार्टी को दे दी गई थी। इस बार मझवा से बीजेपी अपनी पार्टी की पूर्व विधायक को लड़ा रही है। वहीं अलीगढ़ की खैर सीट से सुरेंद्र दिलेर, पूर्व बीजेपी सांसद राजवीर दिलेर के बेटे हैं। बीजेपी ने करहल से समाजवादी पार्टी नेता और आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव के सगे बहनोई अनुजेश यादव को प्रत्याशी घोषित किया है।