• सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा, जरा सी चूक बन सकती है हादसे की वजह: राहुल पाल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में आगामी दुर्गा पूजा, रामनवमी, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए वैशाली फायर स्टेशन में रविवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पंडालों में आते हैं और थोड़ी-सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। इसीलिए हर आयोजक को फायर विभाग की गाइडलाइन का पालन करना आवश्यक है। बैठक के दौरान फायर विभाग ने बीते वर्षों में पंडालों में लगी आग और उसके कारण हुई तबाही का उल्लेख करते हुए आयोजकों को आगाह किया कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो वही घटनाएँ दोहराई जा सकती हैं। इस मौके पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल ने कहा कि आयोजकों को किसी भी हालत में सुरक्षा उपायों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पंडाल बनते हैं तो लोगों की भीड़ स्वत: ही जुटती है। इस भीड़ को सुरक्षित रखना हमारी और आयोजकों की संयुक्त जि़म्मेदारी है। ज़रा सी चूक भी सैकड़ों जि़ंदगियों को खतरे में डाल सकती है।
सीएफओ राहुल पाल ने जोर देते हुए कहा कि पंडाल बनाने से पहले आयोजकों को ध्यान रखना चाहिए कि चारों तरफ पर्याप्त खुला स्थान छोड़ा जाए ताकि किसी आपात स्थिति में लोग आसानी से बाहर निकल सकें। मुख्य द्वार के अलावा एक आपात द्वार अवश्य होना चाहिए और निकास का रास्ता गुफा जैसी संकरी सुरंग की तरह न हो। बिजली की व्यवस्था सिर्फ लाइसेंसधारी ठेकेदार से कराई जानी चाहिए और पंडाल में ज्वलनशील या सिंथेटिक सामग्री का इस्तेमाल किसी भी हालत में न किया जाए। बिजली की लाइन के नीचे पंडाल लगाना और पंडाल से सटाकर हैलोजन लाइट लगाना सीधे-सीधे खतरे को न्योता देने जैसा है। उन्होंने कहा कि पंडालों के अंदर या उसके पास आतिशबाज़ी और धूम्रपान बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यह छोटी-सी चूक आग की बड़ी घटना का कारण बन सकती है। इसके अलावा हर पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और बालू की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि आग लगने की स्थिति में विलंब न करते हुए तुरंत निकटतम फायर स्टेशन, पुलिस स्टेशन या आपातकालीन नंबर 101 और 112 पर सूचित किया जाना चाहिए। लोगों को यह भी बताया गया कि जब तक अग्निशमन दल मौके पर पहुँचे, तब तक स्थानीय स्तर पर मौजूद अग्निशमन यंत्र और संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश करनी चाहिए। फायर विभाग ने ज़ोर देकर कहा कि आयोजकों को इन बुनियादी सावधानियों को गंभीरता से अपनाना चाहिए। यही छोटे-छोटे कदम किसी बड़े हादसे को टाल सकते हैं। सीएफओ राहुल पाल ने साफ शब्दों में कहा कि त्योहारों की भीड़ और भव्य पंडाल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होते हैं, ऐसे में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि आयोजक पूरी जिम्मेदारी और सजगता के साथ काम करेंगे तो त्योहार न केवल उल्लास और भक्ति से भरे होंगे बल्कि सुरक्षित भी रहेंगे। फायर विभाग ने आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए सभी संबंधित स्टेशनों के दूरभाष नंबर भी सार्वजनिक किए हैं, ताकि किसी भी घटना की सूचना तत्काल दी जा सके और त्वरित कार्रवाई हो। त्योहारों के दौरान यह हेल्पलाइन नंबर जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं। त्यौहारों पर जहां शहर रोशनी और आस्था में डूबा होगा, वहीं फायर विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है कि लापरवाही की ज़रा-सी गुंजाइश भी नहीं छोड़ी जानी चाहिए। सुरक्षा उपायों को अपनाकर ही श्रद्धालु निश्चिंत होकर पर्व का आनंद ले सकेंगे और शहर में खुशियों का माहौल बिना किसी दुर्घटना के बना रहेगा।
मुख्य सुरक्षा उपाय जिनका पालन जरूरी
• फायर विभाग ने आयोजकों से आग्रह किया कि पंडाल बनाते समय निम्नलिखित सावधानियों को जरूर अपनाएँ।
• पंडालों के चारों ओर आपात स्थिति के लिए पर्याप्त खुला स्थान छोड़ा जाए।
• मुख्य द्वार के अलावा कम से कम एक आपात द्वार और होना चाहिए।
• बाहर निकलने का रास्ता गुफा जैसी संकरी सुरंग न हो।
• बिजली का कार्य लाइसेंसधारी ठेकेदार से ही कराया जाए।
• ज्वलनशील व सिंथेटिक सामग्री का उपयोग न करें।
• बिजली की लाइन के नीचे पंडाल न लगाएँ।
• पंडाल से सटाकर हैलोजन लाइट न लगाएँ।
• पंडाल के भीतर व पास में आतिशबाजी और धूम्रपान सख्त वर्जित हो।
• हर पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पर्याप्त पानी और बालू की व्यवस्था अनिवार्य रूप से हो।
• आग लगने की स्थिति में तुरंत निकटतम फायर स्टेशन, पुलिस स्टेशन या नंबर 101/112 पर सूचना दें।
जरूरी हेल्पलाइन नंबर
अग्निशमन विभाग ने आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए अपने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
• कोतवाली: 0120-2850148, 8383003805
• वैशाली: 0120-2770686, 2777102
• साहिबाबाद: 0120-2636811
• मोदीनगर: 01232-243322, 9454418761
• लोनी: 7839861673

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ)
त्योहारों पर पंडालों में बड़ी भीड़ जुटती है, इसलिए सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोजकों को पंडाल बनाने में सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। पर्याप्त खुला स्थान, आपात द्वार, लाइसेंसधारी ठेकेदार द्वारा बिजली व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग न करना, ये सभी जरूरी उपाय हैं। छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सुरक्षा में कोई समझौता न करें और आपात स्थिति में तुरंत 101/112 पर सूचित करें। अगर आयोजक सजग रहेंगे तो त्योहार सुरक्षित और उल्लासपूर्ण होंगे।
राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी

















