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देशभर के 800 संस्थानों में से चुने गए 18 अग्रणी विद्यालयों में शामिल
- विद्यार्थियों को नवाचार, डिजिटल ज्ञान और नेतृत्व कौशल से कर रहा सशक्त
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। 13 सितम्बर 2025 का दिन गाजियाबाद के शैक्षणिक इतिहास में विशेष महत्व रखता है। बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल को भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (एफआईसीसीआई) के शिक्षा विभाग आराइज़ द्वारा भविष्य उन्मुख कौशल में उत्कृष्टता” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार को देशभर के 800 से अधिक विद्यालयों में से सिर्फ 18 चुनिंदा अग्रणी संस्थानों को दिया गया। सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने इस राष्ट्रीय सम्मान के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में अपने निरंतर प्रयास और नवाचारी दृष्टिकोण को मान्यता दिलाई। सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। स्कूल का दृष्टिकोण समग्र विकास और कौशल आधारित शिक्षा पर आधारित है। यहां विद्यार्थी न केवल अकादमिक ज्ञान प्राप्त करते हैं, बल्कि नवाचार, डिजिटल साक्षरता, समस्या समाधान क्षमता, रचनात्मक सोच, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के गुण भी विकसित करते हैं। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्तर पर इसे भविष्य उन्मुख शिक्षा का आदर्श मॉडल माना जा रहा है।
विद्यालय के शिक्षक, प्रशासन और छात्र मिलकर एक ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार कर रहे हैं, जिसमें विद्यार्थी सिर्फ अंक हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं। यह दृष्टिकोण सिल्वरलाइन को अन्य संस्थानों से अलग और विशिष्ट बनाता है। सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में सृजनात्मक और भविष्य उन्मुख दृष्टिकोण अपनाकर गाजियाबाद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। विद्यालय के इस दृष्टिकोण ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा केवल अकादमिक सफलता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को समग्र, सक्षम और सशक्त नागरिक बनाने का माध्यम होनी चाहिए। डॉ. सुभाष जैन और नमन जैन के मार्गदर्शन में सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में नयी मानदंड स्थापित कर दिए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान भविष्य में और भी प्रेरक साबित होगा। सिल्वरलाइन प्रेस्टिज स्कूल का यह पुरस्कार न केवल विद्यालय के लिए बल्कि पूरे गाजियाबाद शहर के शैक्षणिक समुदाय के लिए गर्व का विषय है। यह उदाहरण प्रस्तुत करता है कि सृजनात्मक, प्रासंगिक और भविष्योन्मुख शिक्षा किसी भी छात्र को केवल शैक्षणिक दक्षता ही नहीं, बल्कि जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाती है।
डॉ. सुभाष जैन ने साझा की शिक्षा की दूरदर्शिता
विद्यालय के अध्यक्ष एवं संस्थापक डॉ. सुभाष जैन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना या परीक्षाओं में सफलता हासिल करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को ऐसा सृजनात्मक और प्रेरक वातावरण मिलना चाहिए जो उन्हें सोचने, नेतृत्व करने और निडर होकर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करे। डॉ. जैन ने कहा कि हमारा विश्वास है कि भविष्य उन्मुख शिक्षा कोई फैशन या प्रवृत्ति नहीं है, बल्कि आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह सम्मान हमें यह विश्वास और मजबूत करता है कि हम सही दिशा में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहे हैं।
नमन जैन ने बताया जीवनोन्मुख शिक्षा का दृष्टिकोण
विद्यालय के उपाध्यक्ष नमन जैन ने कहा कि सिल्वरलाइन का उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि छात्रों को केवल परीक्षाओं के लिए तैयार न किया जाए, बल्कि उन्हें जीवन की हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम बनाया जाए। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा को प्रासंगिक, जीवंत और भविष्य केंद्रित बनाना ही विद्यालय की प्राथमिकता है। नमन जैन ने बताया कि स्कूल में विभिन्न प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, डिजिटल सिमुलेशन, रिसर्च कार्य और नेतृत्व कौशल को विकसित करने वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यही कारण है कि सिल्वरलाइन के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
विद्यार्थियों की सफलता और विद्यालय की प्रेरणा
सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने केवल शिक्षकों और प्रशासन के प्रयासों से ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और उत्साह से भी यह राष्ट्रीय पहचान बनाई है। यहाँ विद्यार्थी सिर्फ अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खेल, कला, विज्ञान और तकनीकी नवाचार में भी अपनी क्षमता साबित करते हैं। विद्यालय की विशेषता यह है कि प्रत्येक छात्र को व्यक्तित्व निर्माण, संवाद क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ नवाचार और नेतृत्व कौशल विकसित करने के अवसर मिलते हैं। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्तर पर इसे भविष्य की शिक्षा का आदर्श मॉडल माना जा रहा है।
शिक्षक और प्रशासन की प्रेरक भूमिका
सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल की सफलता में शिक्षक और प्रशासन की प्रेरक भूमिका अहम रही है। डॉ. सुभाष जैन और नमन जैन ने न केवल शिक्षण पद्धति को आधुनिक और नवाचारी बनाया है, बल्कि छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए भी प्रेरित किया है। विद्यालय में शिक्षा का उद्देश्य केवल अंकों तक सीमित नहीं है। यहाँ विद्यार्थियों का समग्र विकास, उनके रचनात्मक और तार्किक सोच को विकसित करना, और उन्हें सशक्त नागरिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
फिक्की आराइज़ द्वारा प्रदान किया गया भविष्य उन्मुख कौशल में उत्कृष्टता पुरस्कार यह साबित करता है कि सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल ने शिक्षा की पारंपरिक सीमाओं को पार कर एक नई शिक्षा क्रांति की नींव रखी है। यह पुरस्कार विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। विद्यालय में आयोजित प्रोजेक्ट, डिजिटल लैब, विज्ञान और तकनीकी नवाचार कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएँ और नेतृत्व विकास शिविर विद्यार्थियों को सृजनात्मक और भविष्योन्मुख सोच विकसित करने के अवसर प्रदान करते हैं। सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल न केवल अकादमिक और कौशल आधारित शिक्षा पर ध्यान देता है, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक और व्यावसायिक जिम्मेदारी भी विकसित करता है। स्कूल में छात्रों को सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और समुदाय आधारित परियोजनाओं में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं।

















