आपदा से निपटने को गाजियाबाद का मास्टर प्लान तैयार

-आगजनी, रासायनिक हादसा और भूकंप – तीनों परिस्थितियों पर होगा मॉक अभ्यास
-पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम, फायर ब्रिगेड से लेकर एनडीआरएफ तक की टीमें मैदान में उतरेगी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन को लेकर अपनी गंभीरता और तत्परता का परिचय देते हुए भूकंप आपदा पर आधारित राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज-2025 की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार यह अभ्यास तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें गाजियाबाद प्रशासन ने सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है।
अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) सौरभ भट्ट ने बताया कि इस मॉक ड्रिल की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए जिला स्तर पर आज एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और उन्हें अपनी-अपनी जिम्मेदारियों एवं समन्वय तंत्र के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे समय पर अपनी तैयारियां पूरी करें और मौके पर तत्परता से उपस्थित रहें। भूकंप आपदा से निपटने की तैयारी का यह अभ्यास तीन चरणों में होगा। पहला चरण 9 सितम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

दूसरा चरण 16 सितम्बर को मेरठ छावनी क्षेत्र में जमीन पर उतरेगा, जहां जमीनी स्तर पर रिहर्सल होगी। तीसरा और अंतिम चरण 19 सितम्बर को आयोजित होगा, जिसमें संपूर्ण अभ्यास की समीक्षा और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। जिले की तीनों तहसीलों में अलग-अलग आपदा परिस्थितियों पर मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई है। तहसील गाजियाबाद में शॉपिंग मॉल में आगजनी की स्थिति का अभ्यास होगा, तहसील मोदीनगर के मोदी शुगर मिल परिसर में रासायनिक आपदा से निपटने का अभ्यास किया जाएगा, वहीं तहसील लोनी के लोनी इंटर कॉलेज में भूकंप आपदा का अभ्यास किया जाएगा। इन स्थानों पर संबंधित विभागों की टीमें तैनात रहेंगी और बचाव कार्य, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षित निकासी, यातायात नियंत्रण और संचार व्यवस्था जैसी गतिविधियां की जाएंगी।

इस राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, सेना और नागरिक सुरक्षा कोर की टीमें भी सक्रिय रूप से भाग लेंगी। पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, परिवहन, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, नगरपालिका, आपदा प्रबंधन और सूचना विज्ञान विभाग जैसे सभी प्रमुख विभाग संयुक्त प्रयासों से अभ्यास को सफल बनाएंगे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान सहयोग करें और किसी भी अफवाह या घबराहट से बचें। अभ्यास के लिए आपातकालीन वाहन, चिकित्सा इकाइयां और अस्थायी राहत शिविर पहले ही स्थापित कर दिए गए हैं। मौके पर शिक्षक और आपदा प्रबंधन की टीमें मौजूद रहेंगी ताकि हर किसी को संयम बनाए रखने और आपदा की स्थिति में सही तरीके से प्रतिक्रिया करने का अभ्यास कराया जा सके। अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) सौरभ भट्ट ने कहा कि यह मॉक एक्सरसाइज न केवल प्रशासनिक समन्वय की परीक्षा है, बल्कि यह दर्शाता है कि जनपद गाजियाबाद किसी भी प्रकार की आपदा का सामना करने के लिए पूर्णत: तैयार है। यह अभ्यास भविष्य में संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित, प्रभावी और समन्वित प्रतिक्रिया देने की गारंटी के रूप में काम करेगा।