-जनता दर्शन में मिली समस्याओं पर डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त और स्पष्ट निर्देश
-खतरे वाले स्थलों की चिन्हीकरण और आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के निर्देश
-खोड़ा क्षेत्र में 9 करोड़ रुपये के पेयजल परियोजना को मिली हरी झंडी, सरकारी कार्यालयों में दलालबाजी पर सख्त रुख
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट कार्यालय में बुधवार को आयोजित जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए। जनसुनवाई में लगातार बढ़ रही शिकायतों की संख्या यह दर्शाती है कि जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो रहा है। इस दौरान नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, विद्युत, स्वास्थ्य, राजस्व सहित विभिन्न विभागों से जुड़े अनेक प्रार्थना और शिकायती पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की बात को ध्यानपूर्वक सुना और यह भी जाना कि क्या पूर्व में संबंधित समस्या के समाधान के लिए कोई प्रार्थना पत्र दिया गया था। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों का समाधान पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनता दर्शन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां मौके पर जाकर जांच के बाद ही कार्रवाई की जाए तथा निस्तारण के उपरांत शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना अनिवार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनकल्याण से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने मीडिया प्रतिनिधियों से भी संवाद किया और जनसुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर प्रशासन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। इसी क्रम में उन्होंने आपदा प्रबंधन को लेकर भी अहम जानकारी साझा की। सिविल डिफेंस के तत्वावधान में 23 जनवरी 2026 को सायं 6:30 बजे से 7:00 बजे तक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता, आत्मरक्षा और दूसरों की सहायता से जुड़े उपायों की जानकारी दी जाएगी।
इस अभ्यास में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, अग्निशमन, एनडीआरएफ सहित अन्य विभागों का सहयोग रहेगा। हाल ही में नोएडा में एक प्लॉट में भरे पानी में डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मृत्यु की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सुरक्षा के दृष्टिगत सभी संभावित खतरनाक स्थलों के चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं। जीडीए, नगर निगम, जल निगम, आवास विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों को 25 जनवरी 2026 से पहले ऐसे स्थलों की पहचान करने को कहा गया है, जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बाद एक समन्वित बैठक कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। जनपद के खोड़ा क्षेत्र के लिए भी राहत भरी खबर सामने आई है। पेयजल संकट के समाधान को लेकर लंबे समय से उठ रही मांगों और कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा के निर्देशों के क्रम में टेस्ट बोर कराए गए थे।
अब खोड़ा की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए 9 करोड़ रुपये का प्रस्ताव निकाय बैठक में स्वीकृत कर लिया गया है। प्रशासन द्वारा चरणबद्ध तरीके से कार्य कर क्षेत्रवासियों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सरकारी कार्यालयों में सक्रिय अनाधिकृत व्यक्तियों और दलालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों को शीघ्र कराने के नाम पर आमजन से अवैध धन की मांग करने वाले तत्वों के कारण सरकारी कार्यालयों की छवि धूमिल होती है। ऐसे मामलों में तत्काल निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या दलाल सरकारी कार्यालयों में अवैध रूप से सक्रिय पाया गया या अवैध धन की मांग करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। जनता दर्शन के अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ज्योति मौर्या सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।















