भौकाल दिखाने को चाहिए चिप्स मालिक को चाहिए था शस्त्र लाइसेंस, यूट्यूब से सीखकर कर्मचारियों पर चलवा दी गोली

-शस्त्र लाइसेंस के लिए मालिक ने दो कर्मचारियों पर कराया हमला, डीसीपी सिटी की टीम ने 24 घंटे में किया खुलासा
-चिप्स फैक्ट्री मालिक समेत चार गिरफ्तार, डीसीपी ने मालिक का उतारा शस्त्र लाइसेंस का भूत

उदय भूमि
गाजियाबाद। हथियार रखना आज स्टेटस सिंबल बन गया है। लोग बिना किसी जरूरत के भी हथियार पाने के लिए शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं और बड़े-बड़े हथकंडे अपना रहे हैं। कोई बड़े नेता की सिफारिश लेकर पहुंच रहा है तो कोई फोन करवा रहा है। कोई अपने परिवार या रिश्तेदार के बड़े अधिकारी होने का हवाला देकर लाइसेंस बनवाने की फिराक में है। ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र का है। जहां एक कारोबारी ने पिस्टल का लाइसेंस लेने के लिए अपने कर्मचारियों पर ही फायरिंग करवा दी। यह कोई उसके लिए पहली बार नहीं था, इससे पूर्व भी कई बार अपने और कर्मचारियों के उपर हमला करा चुका था।

यह सब इसलिए कि जानमाल का खतरा दिखा आसानी से खुद की सुरक्षा के लिए शस्त्र का लाइसेंस ले सकें। यह सब कारोबारी ने यूट्यूब पर देखा था। मगर अफसोश इस बार कारोबारी का उसका पैतरा उसी पर ही भारी पड़ गया। इस बार उसका पाला डीसीपी सिटी राजेश कुमार से पड़ गया। जैसे ही कर्मचारियों पर हुई फायरिंग का पता डीसीपी सिटी को पता चला तो बिना देरी किए तुरंत मुकदमा जांच की घटना के खुलासे के लिए कार्रवाई तेज कर दी। कार्रवाई इतनी तेज किए घटना के 24 घंटे बाद ही खुलासा करते हुए 3 कर्मचारी और इन सबका सूत्राधार मालिक को सलाखों के पीछे भेज दिया।

घंटाघर नगर कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया थाना विजयनगर पुलिस ने सुदामापुरी निवासी आरिफ, मैनपुरी निवासी दो सगे भाई दिनेश और निर्देश के साथ फर्रुखाबाद निवासी गुलफाम को गिरफ्तार किया है। आरिफ गाजियाबाद में चिप्स की फैक्ट्री चलता है। भौकाल दिखाने के लिए उसको शस्त्र लाइसेंस की जरूरत थी। जिसके लिए  आरिफ ने यूट्यूब पर देखा कि किसी की जान पर खतरा होता है तो उसे शस्त्र लाइसेंस आसानी से मिल जाता है। इसी को लेकर आरिफ ने कभी अपने तो कभी कर्मचारियों के उपर कई बार अपनी गाड़ी पर हमला करवाया था। लेकिन उसका कहीं मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।

जिसके बाद आरिफ ने प्लानिंग कर अपने दो कर्मचारी निर्देश और गुलफाम को छोटा हाथी से विजयनगर के बाईपास पर भेजा। प्लनिंग के तहत वहां उसने निर्देश के भाई दिनेश को तमंचा और गोली देकर दोनों पर फायरिंग करने के लिए कहा। साथ ही दिनेश को बताया कि उस को फायरिंग करने के बाद यह भी कहें कि हम आरिफ को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। चारों लोग प्लानिंग में शामिल थे। दो लोगों के बाईपास पर गोली लगने की घटना से हड़कंप मच गया था। मामले की जांच कर घटना का 24 घंटे बाद ही खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। डीसीपी सिटी ने बताया जिस एंगल से निर्देश और गुलफाम के गोली लगी थी, वह संदिग्धता के घेरे में था। पूछताछ करने पर सारा खुलासा हो गया। घटना को अंजाम देने के लिए आरिफ ने ही बाइक और तमंचा व रुपये दिए थे।