निगम ने बढ़ाई किराया वसूली की रफ्तार, 1700+ दुकानों से होगा करोड़ों का संग्रह

-5 साल पुरानी लंबित विवादित दुकानों का समाधान, व्यापारियों ने सहयोग दिखाया
-निगम का बड़ा अभियान, निर्धारित किराया जमा कराने की मुहिम जारी
-मुख्यालय और कैंप स्थलों पर भी दुकानों का किराया वसूली के लिए जुटे लोग

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम ने दुकानों के किराए की वसूली को लेकर अभियान तेज कर दिया है, जिसका असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत 1702 दुकानों से बकाया और वर्तमान किराया वसूला जा रहा है। खास बात यह है कि लंबे समय से विवादित चल रहे मामलों का भी समाधान कर लिया गया है, जिससे व्यापारी अब स्वयं आगे बढ़कर किराया जमा कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा पुरानी तहसील घंटाघर पर विशेष शिविर लगाया गया है, जहां बड़ी संख्या में दुकानदार पहुंचकर अपना किराया जमा कर रहे हैं। इसके साथ ही निगम मुख्यालय में भी किराया जमा करने की व्यवस्था की गई है।

अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 10 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि कुल मिलाकर 6 से 8 करोड़ रुपये तक की वसूली का लक्ष्य रखा गया है। नगर आयुक्त ने बताया कि करीब पांच वर्षों से लंबित दुकानों के किराए से जुड़े विवाद को समिति के माध्यम से सुलझाया गया है। समिति द्वारा तय किए गए किराए को व्यापारी वर्ग स्वीकार कर रहा है और नियमित भुगतान भी कर रहा है। इससे निगम की आय में वृद्धि के साथ-साथ व्यवस्था में पारदर्शिता भी आई है। उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल वसूली करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।

व्यापारी वर्ग का सकारात्मक सहयोग इस अभियान को सफल बना रहा है। निगम द्वारा कियोस्क और दुकानों के किराए की वसूली के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रखे जाएंगे। नगर निगम की इस पहल को राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ वर्षों पुराने विवादों के समाधान की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे शहर के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।