• सिर्फ अवैध शराब रोकना ही नहीं, बल्कि समारोहों में सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन भी प्राथमिकता है: संजय कुमार प्रथम
• शादी सीजन में विशेष अभियान: शहर और देहात के 1000 से अधिक विवाह समारोहों पर निगरानी और कड़ी कार्रवाई
• टीम की सक्रियता और समन्वय: बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, होटल और मुख्य मार्गों में 24 घंटे निगरानी, तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित
• निगरानी का असर: अवैध शराब की घटनाओं में कमी, विवाह समारोह अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित, विभाग के राजस्व में वृद्धि
• सख्त चेतावनी: बिना लाइसेंस किसी भी आयोजन में शराब परोसना या सेवन करना अपराध, उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई और स्थल को सील करने का प्रावधान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शादी का सीजन शुरू होते ही गाजियाबाद आबकारी विभाग ने जिलेभर में ऑपरेशन ‘शादी सुरक्षा’ शुरू कर दिया है। इस अभियान का नेतृत्व स्वयं आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार को रोकने के साथ ही शादी समारोहों में शराब से संबंधित किसी भी अनुचित गतिविधि को समाप्त करना और लोगों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है। त्योहारी और चुनावी सीज़न के बाद अब शादी समारोहों का दौर शुरू हो चुका है। शहर और देहात मिलाकर इस सीज़न में लगभग एक हजार से अधिक विवाह समारोह प्रस्तावित हैं। शहर के ट्रांस हिंडन क्षेत्र में लगभग 250 विवाह स्थल हैं, जबकि मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी और देहात क्षेत्रों के फार्म हाउस और होटल पहले से ही शादियों के लिए बुक हैं। ऐसे बड़े आयोजनों में अक्सर शराब की अवैध बिक्री और उपयोग की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। इसी को रोकने के उद्देश्य से ऑपरेशन ‘शादी सुरक्षा’ की रूपरेखा तैयार की गई। इस अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा, डॉ. राकेश त्रिपाठी, अनुज वर्मा, अखिलेश कुमार, कीर्ति सिंह, चमन सिंह और चन्द्रजीत सिंह समेत पूरी टीम जिलेभर में तैनात है। टीम ने बैंक्वेट हॉल, होटल, धर्मशाला और फार्म हाउस का औचक निरीक्षण किया, साथ ही लाइसेंसी शराब की दुकानों और मुख्य मार्गों पर वाहनों की चेकिंग की।
आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने स्पष्ट किया कि बिना ऑकेजनल बार लाइसेंस के किसी भी शादी समारोह में शराब परोसना और सेवन करना अपराध है। उल्लंघन होने पर न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि संबंधित स्थल को सील करने का प्रावधान भी है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से लाई गई शराब पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ऑपरेशन से अब तक जिले के विवाह स्थल संचालकों में अनुशासन देखने को मिला है। कई आयोजनकर्ता नियमों का पालन कर रहे हैं और अवैध शराब की खपत में कमी आई है। इसके प्रभाव से न केवल समारोह सुरक्षित और व्यवस्थित बने हैं, बल्कि आबकारी विभाग के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। शादी समारोहों में निगरानी के लिए विभाग ने हाईवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और जिले के मुख्य मार्गों पर 24 घंटे गश्त बढ़ा दी है। विभाग की टीमें लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं ताकि किसी भी अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
संजय कुमार प्रथम की सक्रिय कार्यशैली और टीम का समन्वय पूरे जिले में सराहा जा रहा है। वे स्वयं मैदान में रहकर टीम का नेतृत्व करते हैं, निरीक्षण करते हैं और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। उनका कहना है कि अभियान का लक्ष्य केवल अवैध शराब रोकना नहीं है, बल्कि विवाह समारोहों में सुरक्षा, शालीनता और सामाजिक अनुशासन बनाए रखना भी है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस कदम से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि विभाग की सक्रियता के कारण विवाह समारोहों में अब अवैध शराब की घटनाएँ घट गई हैं और समारोह अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बन गए हैं।
ऑपरेशन ‘शादी सुरक्षा’ के तहत आबकारी विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि शादी समारोहों में शराब की हर अवैध गतिविधि पर सख्त नियंत्रण हो। बैंक्वेट हॉल और फार्म हाउस के संचालक नियमों का पालन करें। अवैध शराब की सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
शादी समारोह में शामिल नागरिकों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस अभियान से विभाग ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया है कि गाजियाबाद में किसी भी प्रकार की अवैध शराब की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पूरे शादी सीजन तक जारी रहेगा और शादी आयोजक, होटल और फार्म हाउस संचालक इससे पहले ही सावधान रहेंगे। शहरवासियों ने भी विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल कानून का शासन मजबूत होता है, बल्कि सामाजिक अनुशासन और समारोहों की गुणवत्ता भी बढ़ती है। आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम और उनकी टीम की सक्रियता, रणनीति और सतर्कता पूरे जिले में मिसाल बन गई है। ऑपरेशन ‘शादी सुरक्षा’ यह सुनिश्चित करता है कि शादी समारोह सुरक्षित, नियमानुसार और शराब की अवैध खपत से मुक्त हों, जिससे गाजियाबाद का सामाजिक और प्रशासनिक वातावरण और भी बेहतर बने।

जिला आबकारी अधिकारी
हमारा उद्देश्य केवल अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि शादी समारोहों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन सुनिश्चित करना भी है। शादी सीजन में बड़े पैमाने पर होने वाले समारोहों में बिना लाइसेंस शराब का सेवन रोकने के लिए हमारी टीम जिलेभर में औचक निरीक्षण कर रही है। हमने सभी बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस और होटल संचालकों को पहले ही चेतावनी दे दी है कि बिना ऑकेजनल बार लाइसेंस शराब परोसना या ले जाना अपराध है। हमारी कार्रवाई सिर्फ विभागीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य लोगों के बीच सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल बनाना भी है। हम लगातार हाईवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर के मुख्य मार्गों पर भी गश्त बढ़ा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध शराब की गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हमारी टीम पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ ऑपरेशन ‘शादी सुरक्षा अभियान’ को अंजाम दे रही है।
संजय कुमार प्रथम
जिला आबकारी अधिकारी

















